राधा गोयल
नई दिल्ली
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बटोही आगे बढ़ता चल, पथ में चुनौतियाँ आएंगी,
होना नहीं विकल, बटोही आगे बढ़ता चल।
माना कि तुझको पग-पग पर शूल मिलेंगे,
शूलों पर चलकर ही तुझको फूल मिलेंगे
मुश्किल से घबरा कर साथी, होना मत बेकल,
बटोही आगे बढ़ता चल…।
जो मुश्किल में घबरा जाता, उसको बहुत डरातीं,
जो हिम्मत से करे सामना, उससे खुद डर जातीं।
बाधाओं को मित्र बना, मिल जाएगा संबल,
बटोही आगे बढ़ता चल…
हाड़ गलाती सर्दी में भी वीर न विचलित होते,
आग उगलते सूरज में भी आगे बढ़ते रहते
यही है वीरों की पहचान,
बढ़ातll जो देश का नाम
हथेली पर लेकर चलते
सदा ही वे तो अपनी जान।
दिलों में हौसला और विश्वास,
देश पर आने न दी आँच
बड़ी से बड़ी विपत्ति में,
रखी है अपने देश की लाज।
उनकी गौरव गाथा पढ़कर, जीवन बना सफल,
बटोही आगे बढ़ता चल॥