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भारतीय भाषाओं के आगे बढ़ने से ही होगा हिन्दी का विकास-प्रो. अंजू

हस्ताक्षर अभियान…

दिल्ली।

हिंदी का विकास भारतीय भाषाओं के आगे बढ़ने से होगा और भूलना नहीं चाहिए, कि जिस तरह राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन में पूरे देश के लोगों ने मिलकर औपनिवेशिक दासता से संघर्ष किया था; ठीक उसी प्रकार सभी भारतीय भाषाओं के मिलकर काम करने से ही हम अपनी भाषाओं का मान बढ़ा सकेंगे।
    ‘हिन्दी दिवस’ के उपलक्ष्य में
हिन्दू महाविद्यालय में ‘हिन्दी में हस्ताक्षर अभियान’ का शुभारम्भ करते हुए प्राचार्य प्रो. अंजू श्रीवास्तव ने युवा पीढ़ी का आह्वान करते हुए यह भावना व्यक्त की। आपने कहा कि अपने हस्ताक्षर हिंदी में करने से एक शुरुआत कर हिन्दी को अपने ज्ञान-विज्ञान की भाषा बनाएं। उप प्राचार्या प्रो. रीना जैन ने कहा कि अंग्रेजी की जगह राजभाषा हिन्दी में संपूर्ण कामकाज करना हमारा लक्ष्य है, जिसकी तरफ हम निरंतर अग्रसर हैं। हिन्दी विभाग की वरिष्ठ आचार्य प्रो. रचना सिंह ने कहा कि हिंदी को ज्ञान विज्ञान की भाषा बनाकर ही हिन्दी का वास्तविक विकास हो सकेगा, केवल साहित्य रचना से नहीं।     
हिन्दी विभाग के प्रभारी प्रो. पल्लव ने महा. में राजभाषा से संबंधित गतिविधियों की जानकारी दी। प्रो. विमलेन्दु तीर्थंकर ने विद्यार्थियों को बताया कि अब हिन्दी के सम्बन्ध में हमें और अधिक गंभीरता के साथ काम करना होगा।
   हस्ताक्षर अभियान की संयोजक डॉ. रुपाली सिन्हा ने बताया कि हस्ताक्षर जैसी शुरुआत  से विद्यार्थी बेहद उत्साहित हुए हैं। हिन्दी साहित्य सभा के साहिल भारद्वाज और अनुराग ने अभियान का संयोजन किया। आयोजन में कोषाधिकारी प्रो. वरुणेन्द्र रावत, प्रो. मनीष कंसल आदि शिक्षकों ने भाग लिया।
       महा. की संपदा अधिकारी अनुज गुप्ता ने आभार व्यक्त किया।