Visitors Views 12

भीगे तन-मन

दौलतराम प्रजापति ‘दौलत’
विदिशा( मध्यप्रदेश)
********************************************

हँसी-ठिठोली प्यारी बोली।
आओ मिलकर खेलें होली।

प्यार मोहब्बत सदभावों से,
रंगों जैसी बने रंगोली।

पिचकारी की पड़ें फुहारें,
भीगे तन-मन दामन चोली।

फ़ाग गली में गाए ईशुरी,
उड़े गुलाल गगन में रोली।

सेमल और पलाश हुए हैं,
होली के जैसे हमजोली॥

परिचय : दौलतराम प्रजापति का उपनाम  ‘दौलत’ तथा जन्म तारीख ४ मार्च १९७५ है। एम.ए.(हिन्दी साहित्य,राजनीति शास्त्र) तक शिक्षित श्री प्रजापति का निवास-लटेरी(जिला विदिशा,म. प्र.) में सिरोंज मार्ग पर है। आपकी लेखन विधा  -गीत,ग़ज़ल,कविता,लेख,लघुकथा और कहानी है। सम्प्रति से आप सहायक अध्यापक(शा.मा.शा.लटेरी)हैं। रचनाओं का प्रसारण आकाशवाणी भोपाल से हो चुका है,तो दैनिक पत्र-पत्रिकाओं में भी प्रकाशन स्थान मिला है। अनेक कवि सम्मेलन-मुशायरों में आपकी सहभागिता होती रही है। बात सम्मान की हो तो आपको सरस्वती प्रभा-२०१७ सम्मान मिला है। प्रकाशाधीन में एक ग़ज़ल संग्रह है। आपकी लेखनी का उद्देश्य हिन्दी को और प्रचारित करना है।