ममता साहू
कांकेर (छत्तीसगढ़)
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सबका संसार ‘माँ’ (‘मातृ दिवस’ विशेष)…
माँ तेरी प्यारी-सी जादू की झप्पी,
तेरे हाथों की थपकी
सोते समय तेरा लोरी गाना,
मेरे जोर से रोने पर
घबराकर भाग के आना,
बहुत याद आता है माँ
तेरा मुस्कुराना।
माँ सुबह-सुबह उठकर,
अदरक वाली चाय बनाना
समय पर नाश्ता लगाना,
मेरे स्कूल ना जाने का बहाना
तेरे गोद में आकर छिप जाना,
बहुत याद आता है माँ
तेरा प्यार से समझाना।
बिन कहे माँ तेरा समझ जाना,
मुश्किल राह में आगे बढ़ाना
हर मुसीबत में साथ निभाना,
परेशानियों से डर के
मेरा तुमसे लिपट जाना,
बहुत याद आता है माँ
तेरा गले लगाकर सहलाना।
माँ तूने ही समझा है मेरा हर दर्द,
तेरे ही चरणों में है स्वर्ग॥