कुल पृष्ठ दर्शन : 266

You are currently viewing यह आरोप कहां तक सही ?

यह आरोप कहां तक सही ?

अमल श्रीवास्तव 
बिलासपुर(छत्तीसगढ़)

***********************************

लड़के ने तस्वीर माँगी और आपने दे दी,
लड़के ने मोबाइल नंबर माँगा और आपने दे दिया, लड़के ने वीडियो कॉल के लिए कहा और आपने कर लिया, लड़के ने मिलने के लिए कहा और आप माता-पिता को

धोखा देकर मिलने चली गई, लड़के ने पार्क में बैठकर आपकी प्रशंसा करते हुए आपको सब्ज़बाग दिखाए और आपने देख लिए, फिर काफी हाउस या कैंटीन में काफी पीते हुए लड़के ने आपके हाथ को छुआ और इशारे किए, तो आपने मुस्करा दिया, फिर लड़के ने होटल में एक कमरा लेने की बात की, आपने यह कहते हुए शर्म से इनकार कर दिया कि यह सब शादी से पहले अच्छा नहीं लगता।
फिर दो-तीन बार ‘प्लीज-प्लीज’ कहने पर आप तैयार हो गई। आप दोनों ने मिलकर खूब आनंद लिया। समझने के नाम पर यह सिलसिला चलता रहा, कुछ दिन ‘लिव इन रिलेशनशिप’ में रहे, फिर एक दिन झगड़ा हुआ, जो होना ही था और फिर.. फिर सब समाप्त, और सारा इल्जाम लड़के पर! लड़का गलत है, वह भेड़िया है, वह अपराधी है, वह धोखेबाज है, उसने शादी का झांसा देकर यौन शौषण किया! आदि-आदि…।
क्योंकि, आपने तस्वीर नहीं दी थी, उसने जबरन आपके मोबाइल में प्रवेश किया और चित्र ले लिया। आपने अपना नंबर नहीं दिया था, लड़के ने खुद ही आपके मोबाइल से नंबर ले लिया…। आपने वीडियो कॉल नहीं की थी, लड़का खुद आपके घर पर आपको जीवंत देखने के लिए पहुँचा था, काफी हाउस या कैंटीन भी वह आपको जबरन ले गया था, यहाँ तक ​​कि वह जबरन आपको आपके घर से होटल के कमरे में ले गया था! तो अपराधी सिर्फ लड़का है, आप बिल्कुल नहीं! आप महिला हैं, आपकी गलती कैसे हो सकती है!
आप वयस्क हैं, पढ़ी-लिखी हैं, फिर भी आपको समझ नहीं आती ? आफताब और श्रृद्धा जैसे भीषण कांड देखने-सुनने के बाद भी आपको समझ नहीं आती ? सोशल मीडिया पर ज़्यादती के बढ़ते हुए प्रकरण आपको कुछ नहीं बताते ? काफी हाउस या कैंटीन जाना, अपनी तस्वीरें एक-दो मुलाकात में दे देना, क्या है यह सब ? आपको नहीं पता था कि होटल के कमरे में या चारदीवारी में आप किसलिए जा रही हैं!
सब पता था आपको, सब पता है आपको कि, होटल के कमरों में क्या होता है ? वहाँ धार्मिक शिक्षाएँ नहीं दी जातीं…फिर शिकायत किस बात की ? आप क्यों मानती हैं कि वह आपकी इज़्ज़त का ख्याल रखेगा ? जो खुद आपको उसी मक़सद के लिए लेकर जा रहा हो, वह आपकी इज़्ज़त क्या करेगा ? आपको ऐसा क्यों करना चाहिए ?
आपने अपने माता-पिता, अपने परिवार को, यहां तक कि अपने-आपको धोखा दिया फिर वह अकेले धोखेबाज कैसे हो गया ?
अपनी गलती को स्वीकार करें और सोशल मीडिया पर ये आधुनिक नाज-नखरे, आज़ाद ख्याली, समझ, फैशन, मेरा जिस्म-मेरी मर्ज़ी, मेरे कपड़े-मेरी मर्जी, छोड़ दें ये सब।
अगर आप अपनी सीमा में रहेंगी, तो आपको कोई भी नुकसान नहीं पहुँचा सकता, अगर कोई जोर-जबरदस्ती करता भी है तो आपके साथ समाज है, कानून है, लेकिन जब आप तैयार हों, तो फिर ,इसे यौन उत्पीड़न न कहें…इसे लैंगिक दोहन न कहें, इसे आपसी तालमेल कहें, इसे आनंद कहें, इसे मनोरंजन कहें, इसे दो-तरफ़ा जरूरत कहें, इसे समय बिताना कहें, इसे आधुनिकता कहें, इसे आधुनिकतावाद कहें ,इसे फैशन कहें। इसे कुछ भी कहें, पर यह यौन-शोषण तो कदापि नहीं हो सकता। यदि आपको जरा भी समझ में आता है, तो भगवान के लिए अपने को इस गंदगी से बचाकर रखें। एक बात हमेशा याद रखें कि, सामने वाले को मृत्युदंड की सजा के बाद भी आपकी इज्ज़त वापस नहीं आएगी।
समाज में हर जगह महिलाओं को बराबरी का दर्जा मिलना ही चाहिए, और यह मिल भी रहा है। घर की चारदिवारी और कट्टरपंथी सोच के अंदर अगर कुछ अपवादों को छोड़ दें तो आज कानून और समाज ने हर जगह महिलाओं को पुरुषों से ज्यादा अधिकार दे रखे हैं, लेकिन इनका सदुपयोग तभी हो सकता है, जब हम समानता, स्वतंत्रता और स्वछंदता में अंतर करना सीख जाएं।
यह बात सच है कि हजारों बहुएं दहेज और घरेलू हिंसा की शिकार होती हैं, हजारों लड़कियां उम्रदराज होकर अविवाहित रहती हैं, परंतु यह भी उतना ही सच है कि हजारों निर्दोष वृद्ध सास-ससुर भी झूठे दहेज और घरेलू हिंसा के प्रकरण में सलाखों के पीछे जाते हैं। जहां आए-दिन महिला प्रताड़ना के प्रकरण दिखाई-सुनाई पड़ते हैं, वहीं ‘मी टू’ और ‘हनी ट्रैप’ के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं।
वास्तव में दोनों पक्ष में निष्पक्षता से सुधार की जरूरत है।

परिचय–प्रख्यात कवि,वक्ता,गायत्री साधक,ज्योतिषी और समाजसेवी `एस्ट्रो अमल` का वास्तविक नाम डॉ. शिव शरण श्रीवास्तव हैL `अमल` इनका उप नाम है,जो साहित्यकार मित्रों ने दिया हैL जन्म म.प्र. के कटनी जिले के ग्राम करेला में हुआ हैL गणित विषय से बी.एस-सी.करने के बाद ३ विषयों (हिंदी,संस्कृत,राजनीति शास्त्र)में एम.ए. किया हैL आपने रामायण विशारद की भी उपाधि गीता प्रेस से प्राप्त की है,तथा दिल्ली से पत्रकारिता एवं आलेख संरचना का प्रशिक्षण भी लिया हैL भारतीय संगीत में भी आपकी रूचि है,तथा प्रयाग संगीत समिति से संगीत में डिप्लोमा प्राप्त किया हैL इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकर्स मुंबई द्वारा आयोजित परीक्षा `सीएआईआईबी` भी उत्तीर्ण की है। ज्योतिष में पी-एच.डी (स्वर्ण पदक)प्राप्त की हैL शतरंज के अच्छे खिलाड़ी `अमल` विभिन्न कवि सम्मलेनों,गोष्ठियों आदि में भाग लेते रहते हैंL मंच संचालन में महारथी अमल की लेखन विधा-गद्य एवं पद्य हैL देश की नामी पत्र-पत्रिकाओं में आपकी रचनाएँ प्रकाशित होती रही हैंL रचनाओं का प्रसारण आकाशवाणी केन्द्रों से भी हो चुका हैL आप विभिन्न धार्मिक,सामाजिक,साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं से जुड़े हैंL आप अखिल विश्व गायत्री परिवार के सक्रिय कार्यकर्ता हैं। बचपन से प्रतियोगिताओं में भाग लेकर पुरस्कृत होते रहे हैं,परन्तु महत्वपूर्ण उपलब्धि प्रथम काव्य संकलन ‘अंगारों की चुनौती’ का म.प्र. हिंदी साहित्य सम्मलेन द्वारा प्रकाशन एवं प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री सुन्दरलाल पटवा द्वारा उसका विमोचन एवं छत्तीसगढ़ के प्रथम राज्यपाल दिनेश नंदन सहाय द्वारा सम्मानित किया जाना है। देश की विभिन्न सामाजिक और साहित्यक संस्थाओं द्वारा प्रदत्त आपको सम्मानों की संख्या शतक से भी ज्यादा है। आप बैंक विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। बहुमुखी प्रतिभा के धनी डॉ. अमल वर्तमान में बिलासपुर (छग) में रहकर ज्योतिष,साहित्य एवं अन्य माध्यमों से समाजसेवा कर रहे हैं। लेखन आपका शौक है।

Leave a Reply