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लोकतंत्र भी बीमार हो गया

डॉ.रामकुमार चतुर्वेदी
सिवनी(मध्यप्रदेश)
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आज लोकतंत्र भी बीमार हो गया यहाँ।
देशद्रोह रक्तचाप यार हो गया यहाँll

वोट मंत्र भेदभाव की धुनी रमा रहे।
जात-पात संक्रमण बुखार हो गया यहाँll

वैद्य नब्ज देख रक्त में कमी बता रहे।
देशप्रेम खून में विकार हो गया यहाँll

तोड़-फोड़-जोड़-तोड़ अब उन्हें सुहा रहा।
राजनीति में समझ निखार हो गया यहाँll

चालबाज ताक-झांक में लगे यहां सुनो।
नस्लवाद देश में उबार हो गया यहाँll

राष्ट्रवाद प्रांतवाद में लहू बहा रहे सुनो।
शासकीय योजना शिकार हो गया यहाँll

बैंक लोन कर्ज-फर्ज बांटने यहां लगे।
मालदार कौन जो फरार हो गया यहाँll

स्कूल राष्ट्र द्रोह है सिखा रहे गुरूर से,
शिष्य गुरु परम्परा हद पार हो गया यहाँll

एक देश एक भेष एक धर्म भारत,
राम बाण तीक्ष्ण ये कुठार हो गया यहाँll

परिचय-डॉ. रामकुमार चतुर्वेदी का वास्ता मध्यप्रदेश के सिवनी से है। यहीं पर आपका जन्म १८ अगस्त १९६७ में हुआ है। वर्तमान में आप सिवनी स्थित शहीद वार्ड में बसे हुए हैं। डॉ.चतुर्वेदी की शिक्षा-एल-एल.एम. और पी-एच.डी. है। कार्यक्षेत्र में आप विधि महाविद्यालय में प्रबंधक हैं। सामाजिक गतिविधि के निमित्त बाल कल्याण समिति (सिवनी)से सदस्यता से जुड़े हुए हैं। व्यंग्य लेखक श्री चतुर्वेदी छंद, मुक्तक,गीत और गद्य भी लिखते हैं। प्रकाशन में आपके नाम-हिन्दी वर्णमाला, भारत के सपूत,चले हैं व्यंग्य (खण्डकाव्य)और टारगेट प्रकाशाधीन है। आपको प्राप्त सम्मान में हरिशंकर परसाई सम्मान,हिन्दी गौरव सम्मान और साहित्य गौरव सम्मान मिल चुका है। विशेष उपलब्धि यही है कि, ‘राम बाण’ स्थाई स्तंभ के माध्यम से आप सामाजिक मीडिया पर चर्चित हैं। इनकी की लेखनी का उद्देश्य-शिक्षा, सामाजिक चेतना जागृत करना है।

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