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सप्त ठाकुरों की भक्ति रसधारा से अनुप्राणित हुई काव्य गोष्ठी

सोनीपत (हरियाणा)।

सद साहित्य हेतु कृत संकल्पित कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार सोनीपत के तत्वावधान में ‘वृंदावन के ७ ठाकुर’ विषय पर २५६वीं साप्ताहिक काव्यगोष्ठी का आयोजन श्रद्धा, साहित्य और संस्कृति के अनुपम समन्वय के साथ हुआ। अध्यक्षता रजनी कटारे हेम ने की। मुख्य अतिथि का दायित्व शोभा प्रसाद ने निर्वहन किया।
   संवाद प्रभारी ज्योति राघव सिंह की सूचना के अनुसार भास्कर सिंह माणिक के संचालन में कार्यक्रम का शुभारंभ विजय रघुनाथराव डांगे द्वारा प्रस्तुत संगीतमय गुरु वंदना, गणेश वंदना एवं सरस्वती वंदना से हुआ। आयोजन में प्रेमलता कुमारी पुष्पेश, श्री डांगे, ‘माणिक’, मणिका वर्मा, बिनोद कुमार पाण्डेय, रजनी कटारे हेम, शोभा प्रसाद, अवधेश प्रसाद मिश्र ‘मधुप’, रमापति मौर्य, नैन्सी श्रीवास्तव, ज्योति प्यासी, दिनेश दुबे, मीरा परिहार ‘मंजरी’, सांद्रा लुटावन गणेश, कुमार धनंजय सुमन, राधाश्री शर्मा एवं पवनेश मिश्र ने वृंदावन के सप्त देवालयों की आध्यात्मिक महिमा, भक्तिरस व सांस्कृतिक वैभव पर आधारित अपनी मौलिक काव्य रचनाओं का सस्वर एवं भावपूर्ण पाठ किया।
   तत्पश्चात संस्थापक राधाश्री शर्मा ने सबके प्रति आभार व्यक्त किया।