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सरस्वती वंदना

अमल श्रीवास्तव 
बिलासपुर(छत्तीसगढ़)

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वसंत पंचमी विशेष…

रूप हैं अनेक तेरे, हैं अनेक नाम,
बल, बुद्धि, विद्या की प्रदाता को प्रणाम।

जल, थल और आसमान तू ही है,
भाग्य तू, विधाता तू, विधान तू ही है
आदि, अंत और मध्यमान तू ही है,
मन तू ही आत्मा, और प्राण तू ही है।
बुद्ध-महावीर तू ही, तू ही घनश्याम,
बल, बुद्धि, विद्या की प्रदाता को प्रणाम…॥

सत्कर्मों की सद्बुद्धि हमें दो,
तन, मन, धन की विशुद्धि हमें दो
सद संस्कारों की, वृद्धि हमें दो,
जिंदगी के मूल्यों की समृद्धि हमें दो।
तू ही, जग-जगती, जगत अभिराम,
बल, बुद्धि, विद्या की प्रदाता को प्रणाम…॥

भटके हुओं को सही राह तू दिखा,
धनिकों को, दुखियों की आह तू दिखा
सबके लिए है तुझे चाह तो दिखा,
भाव के समुद्र का प्रवाह तो दिखा।
जगती के करती है, तू ही सारे काम,
बल, बुद्धि, विद्या की प्रदाता को प्रणाम…॥

सत्य और अहिंसा की पिपासी धरती,
धरम के बूँदों की है प्यासी धरती
आज के हालातों से उदासी धरती,
खुशियाली की है अभिलाषी धरती।
दुष्वृत्तियों का करे काम तू तमाम,
बल, बुद्धि, विद्या की प्रदाता को प्रणाम…॥

बुद्धि तू, विवेक और ज्ञान तू ही है,
आन, मान, शान, स्वाभिमान तू ही है
वीणा से निकलती सुर-तान तू ही है,
सज्जनों की महिमा का गान तू ही है।
जगमग ज्योति तेरी लीला अविराम,
बल, बुद्धि, विद्या की प्रदाता को प्रणाम…॥

जो भी सत्य-नित्य है ओ तेरी छाया है,
बनाती, मिटाती सब तेरी माया है
सूरज का तेज, चंद्रमा की सौम्यता,
पालक, सहायक तू है माँ की ममता।
तुझमें ही तीर्थ सारे और सारे धाम,
बल, बुद्धि, विद्या की प्रदाता को प्रणाम…॥

परिचय–प्रख्यात कवि,वक्ता,गायत्री साधक,ज्योतिषी और समाजसेवी `एस्ट्रो अमल` का वास्तविक नाम डॉ. शिव शरण श्रीवास्तव हैL `अमल` इनका उप नाम है,जो साहित्यकार मित्रों ने दिया हैL जन्म म.प्र. के कटनी जिले के ग्राम करेला में हुआ हैL गणित विषय से बी.एस-सी.करने के बाद ३ विषयों (हिंदी,संस्कृत,राजनीति शास्त्र)में एम.ए. किया हैL आपने रामायण विशारद की भी उपाधि गीता प्रेस से प्राप्त की है,तथा दिल्ली से पत्रकारिता एवं आलेख संरचना का प्रशिक्षण भी लिया हैL भारतीय संगीत में भी आपकी रूचि है,तथा प्रयाग संगीत समिति से संगीत में डिप्लोमा प्राप्त किया हैL इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकर्स मुंबई द्वारा आयोजित परीक्षा `सीएआईआईबी` भी उत्तीर्ण की है। ज्योतिष में पी-एच.डी (स्वर्ण पदक)प्राप्त की हैL शतरंज के अच्छे खिलाड़ी `अमल` विभिन्न कवि सम्मलेनों,गोष्ठियों आदि में भाग लेते रहते हैंL मंच संचालन में महारथी अमल की लेखन विधा-गद्य एवं पद्य हैL देश की नामी पत्र-पत्रिकाओं में आपकी रचनाएँ प्रकाशित होती रही हैंL रचनाओं का प्रसारण आकाशवाणी केन्द्रों से भी हो चुका हैL आप विभिन्न धार्मिक,सामाजिक,साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं से जुड़े हैंL आप अखिल विश्व गायत्री परिवार के सक्रिय कार्यकर्ता हैं। बचपन से प्रतियोगिताओं में भाग लेकर पुरस्कृत होते रहे हैं,परन्तु महत्वपूर्ण उपलब्धि प्रथम काव्य संकलन ‘अंगारों की चुनौती’ का म.प्र. हिंदी साहित्य सम्मलेन द्वारा प्रकाशन एवं प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री सुन्दरलाल पटवा द्वारा उसका विमोचन एवं छत्तीसगढ़ के प्रथम राज्यपाल दिनेश नंदन सहाय द्वारा सम्मानित किया जाना है। देश की विभिन्न सामाजिक और साहित्यक संस्थाओं द्वारा प्रदत्त आपको सम्मानों की संख्या शतक से भी ज्यादा है। आप बैंक विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। बहुमुखी प्रतिभा के धनी डॉ. अमल वर्तमान में बिलासपुर (छग) में रहकर ज्योतिष,साहित्य एवं अन्य माध्यमों से समाजसेवा कर रहे हैं। लेखन आपका शौक है।

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