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योग ‘कला’, प्रकृति से जुड़ें

डॉ. कुमारी कुन्दन
पटना(बिहार)
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योग दिवस विशेष (२१ जून)….

जब तक है ये मानव जीवन,
जीवन में उलझन ही उलझन 
कुछ पल निकालें, योग करें,
हम लाएँ जीवन में संतुलन।

योग दर्शन में पतंजलि ने,
महत्व और सूत्र प्रस्तुत किया
मोदी जी ने राज को समझा,
इसे जन-जन में विस्तृत किया।

बड़े फायदे हैं योग के, इसे,
लोगों ने भी स्वीकार किया
प्राचीन संस्कृति, योग कला है,
प्रकृति ने अनमोल उपहार दिया।

एक स्वस्थ शरीर ही रखता है,
एक स्वस्थ और सुन्दर मन
जीवन में कितने अनमोल धन,
पर सबसे बड़ा है स्वास्थ्य धन।

मस्तिष्क को है स्वस्थ रखता,
याददाश्त को भी बढ़ाता है
हृदयगति को नियन्त्रित करता,
रक्तचाप को बेहतर करता है।

प्राणायाम का अभ्यास करें,
अच्छी गहरी नींद है देता।
इम्युनिटी शरीर की बढ़ाता,
वजन नियन्त्रित करता है।

योग से हम रोग भगाएँ,
योग से रखें सदा लगाव
मन को शांति अवश्य मिलेगी,
उम्र का चाहे कोई पड़ाव।

योग करें, प्रकृति से जुड़ें,
सरल होगा अपना जीवन।
योग ही तो करवाता है,
आत्मा का परमात्मा से मिलन॥