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स्वच्छ मतदान खुशियों का गहना

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’
धनबाद (झारखण्ड) 
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आओ साथ मिल एक बात करें,
मंथन अब हम सब दिन-रात करें।

प्रचार-प्रसार से अब हो गए बोर,
कुछ घंटों में शुरू होगा मत का दौर।

आज और कल का दिन है भारी,
प्रत्याशी के दाँव की है अंतिम बारी।

मतदाता भी कर रहे हैं अब चिंतन,
किसके हाथों दें खुशियों का वतन।

ना देख कौन है अपना-कौन पराया,
कौन है अमीर और कौन है गरीब।

सबका ही तो अपना-अपना राग है,
बस देख किसमें सत्य की आग है।

महाशय गुप्त है मतदान,
क्यों करूं मैं इसे उजागर।

सबसे योग्य को देना है मत,
कहना है सबको ही सागर।

कहता ‘राजू’ मेरा बस यही कहना है,
तनाव के समय हमें धैर्य से रहना है।

योग्य व्यक्ति को ही करना तुम मतदान,
स्वच्छ मतदान खुशियों का गहना है॥

परिचय– साहित्यिक नाम `राजूराज झारखण्डी` से पहचाने जाने वाले राजू महतो का निवास झारखण्ड राज्य के जिला धनबाद स्थित गाँव- लोहापिटटी में हैL जन्मतारीख १० मई १९७६ और जन्म स्थान धनबाद हैL भाषा ज्ञान-हिन्दी का रखने वाले श्री महतो ने स्नातक सहित एलीमेंट्री एजुकेशन(डिप्लोमा)की शिक्षा प्राप्त की हैL साहित्य अलंकार की उपाधि भी हासिल हैL आपका कार्यक्षेत्र-नौकरी(विद्यालय में शिक्षक) हैL सामाजिक गतिविधि में आप सामान्य जनकल्याण के कार्य करते हैंL लेखन विधा-कविता एवं लेख हैL इनकी लेखनी का उद्देश्य-सामाजिक बुराइयों को दूर करने के साथ-साथ देशभक्ति भावना को विकसित करना हैL पसंदीदा हिन्दी लेखक-प्रेमचन्द जी हैंL विशेषज्ञता-पढ़ाना एवं कविता लिखना है। देश और हिंदी भाषा के प्रति आपके विचार-“हिंदी हमारे देश का एक अभिन्न अंग है। यह राष्ट्रभाषा के साथ-साथ हमारे देश में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। इसका विकास हमारे देश की एकता और अखंडता के लिए अति आवश्यक है।