रचना पर कुल आगंतुक :177

हिन्दी भाषा

वन्दना पुणताम्बेकर
इंदौर (मध्यप्रदेश)
*******************************************************

हिंदी  दिवस स्पर्धा विशेष………………..

विस्तार
करें हम जन-जन तक,
हिन्दी भाषा
का।

हिन्दी
पढ़ें-बढ़ें,
कदम-कदम पर
मिले ज्ञान
हिन्दी।

भारत
की बुलंदियों
पर रोशन हो,
बच्चों सीखें
हिन्दी।

भूल
रही है,
हिन्दी भाषा को
नई पीढ़ी
अब।

जागृति
फैलाकर सब,
मिलकर घर-घर
में विस्तार
करें।

हिन्दी
भाषा का,
विस्तार करें हम
आओ सीखें
हिन्दी।

परिचय: वन्दना पुणतांबेकर का स्थाई निवास मध्यप्रदेश के इंदौर में है। इनका जन्म स्थान ग्वालियर(म.प्र.)और जन्म तारीख ५ सितम्बर १९७० है। इंदौर जिला निवासी वंदना जी की शिक्षा-एम.ए.(समाज शास्त्र),फैशन डिजाईनिंग और आई म्यूज-सितार है। आप कार्यक्षेत्र में गृहिणी हैं। सामाजिक गतिविधियों के निमित्त आप सेवाभारती से जुड़ी हैं। लेखन विधा-कहानी,हायकु तथा कविता है। अखबारों और पत्रिकाओं में आपकी रचनाएं प्रकाशित हुई हैं,जिसमें बड़ी कहानियां सहित लघुकथाएं भी शामिल हैं। आपकी लेखनी का उद्देश्य-रचनात्मक लेखन कार्य में रुचि एवं भावनात्मक कहानियों से महिला मन की व्यथा को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास है। प्रेरणा पुंज के रुप में मुंशी प्रेमचंद जी ओर महादेवी वर्मा हैं। इनकी अभिरुचि-गायन व लेखन में है।

Leave a Reply