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११३ दीपों के साथ समिति ने मनाया स्थापना दिवस, पुस्तक पर हुई चर्चा

इंदौर(मप्र)।

देश की प्राचीनतम हिंदी संस्था श्री मध्यभारत हिंदी साहित्य समिति ने अपना ११३ वाँ स्थापना दिवस हर्षोल्लास से मनाया। इन बीते वर्षों का संक्षिप्त इतिहास, स्थापकों का सादर नमन, गाँधी जी की दोनों यात्राओं तथा ‘वीणा’ पत्रिका के प्रकाशन आदि संदर्भों के साथ अभ्युदय और विकास को सारांश में सूत्रधार एवं पुस्तकालय मंत्री ने बताया।
इस पुनीत अवसर पर उपस्थितजनों ने ११३ दीप जलाकर ‘जय हिंदी जय भारती’ के जयघोष के साथ सहभागिता की। वरिष्ठ व्यंग्यकार डॉ. जवाहर चौधरी की सद्य प्रकाशित कृति ‘गाँधी जी की लाठी में कोंपलें’ पर चर्चा गोष्ठी हुई। कृति पर डॉ. पद्मा सिंह, सुरेश उपाध्याय के अलावा कृतिकार ने भी विचार व्यक्त किए।
शुभारंभ माँ सरस्वती अर्चना एवं कवयित्री वाणी जोशी द्वारा स्वयं रचित वंदना तथा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। अतिथियों का स्वागत प्रबंध मंत्री घनश्याम यादव, अर्थ मंत्री राजेश शर्मा, प्रचार मंत्री अरविंद ओझा, डॉ. मंजुला भूतड़ा आदि ने किया। संपादक व्योमा मिश्र ने भी स्वागत किया। स्थापना दिवस उत्सव में समिति परिवार के अलावा वीणा के संपादक राकेश शर्मा, महू से रामलाल प्रजापत, हिंदी परिवार इंदौर, अखण्ड संडे इंदौर, लेखिका संघ, वामा साहित्य मंच आदि संस्थाओं के प्रतिनिधि साहित्यकारों ने उल्लासपूर्वक उपस्थिति दर्ज की। प्रदीप नवीन द्वारा काव्यात्मक शैली में आभार प्रदर्शन किया गया।