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अदम्य साहस का प्रदर्शन किया था वीर सैनिकों ने

नीलम प्रभा सिन्हा
धनबाद (झारखंड)
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भारतीय सेना… (‘आपरेशन सिंदूर’ दिवस विशेष)….


          भारत की नारियों के लिए सिंदूर सम्मान और गर्व का प्रतीक है। जब इस सम्मान पर आघात हुआ, तो पूरे देश में दुःख और आक्रोश फैल गया। २६ अप्रैल २०२५ को हुए हमले में निर्दोष लोगों को निशाना बनाया गया। यह घटना मानवता के विरुद्ध एक गंभीर अपराध थी।
इस घटना के बाद हर भारतीय के मन में यह भावना उठी कि अन्याय का उचित उत्तर दिया जाना चाहिए। देश की सुरक्षा करना सरकार और सेना का प्रथम कर्तव्य है। इसी उद्देश्य से आतंकवाद के विरुद्ध सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया गया।
भारतीय सेना ने पूरी तैयारी और सटीक रणनीति के साथ आतंकवादियों के ठिकानों पर कार्रवाई की। पाकिस्तान के भीतर स्थित कई आतंकी अड्डों पर हवाई हमले किए गए। इन हमलों में यह विशेष ध्यान रखा गया कि किसी निर्दोष नागरिक को हानि न पहुँचे। इससे भारतीय सेना के अनुशासन, साहस और मानवीय दृष्टिकोण का परिचय मिलता है।
इस अभियान से विश्व को भारत की शक्ति और दृढ़ संकल्प का संदेश मिला। भारत की वायु सेना की क्षमता और सैनिकों के पराक्रम ने यह सिद्ध कर दिया कि हमारा देश अपनी रक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम है।
  इस घटना ने देशवासियों को एकता का महत्व भी समझाया। कठिन समय में सभी लोग धर्म, भाषा और क्षेत्र से ऊपर उठकर एकसाथ खड़े हुए। लोगों ने सेना के प्रति अपना समर्थन और विश्वास व्यक्त किया। यह एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है, जो हर संकट में देश को मजबूत बनाती है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ में मिली सफलता हमारे वीर सैनिकों के अदम्य साहस, अद्भुत पराक्रम और कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाती है। हमें अपने सैनिकों पर गर्व है।
जय हिंद, जय भारत।