कुल पृष्ठ दर्शन : 5

हे शिव कल्याणकारी

कुमारी ऋतंभरा
मुजफ्फरपुर (बिहार)
******************************************

हे शिव कल्याणकारी, एकादश रुद्र रूप,
भोलेनाथ कल्याणकारी,
दर्शन अभिलाषी भक्तों का कल्याण कर,
हे भोले बाबा।

दर्शन करने जाऊँ,
दक्षिण में रामेश्वर, काशी में विश्वनाथ,
दया करो कल्याणकारी,
झोली भर दो।

औघड़दानी, हम भी अपने बच्चों संग,
सदा रहे मेरे साजन
लेकर जाओ उज्जैन में महाकाल,
गुजरात में सोमनाथ संग दर्शन कराओ।

तमिलनाडु में श्रीशैल पर्वत, मल्लिकार्जुन,
साथ देना है नाथ, हिमालय में केदारनाथ,
महाराष्ट्र में त्र्यंबकेश्वर संग घूम आऊँ,
अपने परिवार संग करूँ प्रार्थना।

गंगा स्नान करूँ, बिहार में बैद्यनाथ धाम, जाकर संतान की रक्षा मांगूँ,
द्वारका जाऊँ, नागेश्वर में
असम के कामरूप में भीमाशंकर के दर्शन करूँ,
मेरे भोलेनाथ, बस इतनी कृपा करना।

कश्मीर में अमरनाथ बाबा के करूँ दर्शन,
मिलकर जाऊँ बच्चों संग बाबा
उड़ीसा में भुवनेश्वर जाऊँ दर्शन करने,
कैलाश के मानसरोवर कैसे छोड़ दूँ,
मेरे भोले बाबा, नेपाल का पशुपतिनाथ।

यह सारा जगह शिव सूत्र में बँधा,
यहाँ है जाति अनेक, सब जाते शरण तुम्हारी
यक्ष, राक्षस, गंधर्व, किन्नर, नाग, निषाद,
देव, असुर, आर्य, प्रवर और कबीला,
राक्षसों के राजा रावण भी करते सदा पूजा तुम्हारी,
शिव के उपासक हैं।

हे मेरे भोलेनाथ न करते तुम भेदभाव,
केवल मन में हो श्रद्धा के भाव
करूँ जिस श्रद्धा से तेरा ध्यान,
आप रखते सदा भक्तों पर ध्यान।

करूँ सदा शिव-अभिषेक, रुद्राभिषेक,
पार्वती पति मान लिया मैंने तुम्हें अपना ही रक्षक, प्रभु।

शिवलिंग घर में रखूं, दूध, दही, गंगाजल,
ईख के रस, सुगंधित द्रव्य से
सदा अभिषेक करो,
हे विश्व के रखवाले प्रभु।

समर्पण की भावना से सदा करूँ ध्यान तेरा,
करना कल्याण प्रभु,
रहते सदा हैं भोलेनाथ समाधि में लीन,
योगेश्वर, तपस्वी, योगी प्रभु।
करूँ मैं आराधना प्रभु, हे शिव उपासना,
तुम्हारी ही, मेरे भोलेनाथ प्रभु॥