कल्याण सिंह राजपूत ‘केसर’
देवास (मध्यप्रदेश)
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घर-घर चर्चा हो रही है,
आपके चरित्र और व्यवहार की
पल-पल दुनिया बदल रही है,
संभल-संभल के चलना
कठिन है डगर इस संसार की।
रुक जाना तेरी मंजिल नहीं,
चलते रहना तेरी शान है
कार्य वह करना,
जो घर-घर चर्चा हो तेरे सम्मान की।
कदम-कदम पर छल-कपट, धोखा है,
बच कर रहना रे बंदे
हर कदम पर तुझे,
अपने ही कोशिश करेंगे भटकाने की।
रक्षा करना ‘केसर’, तेरे स्वाभिमान, सम्मान की॥