इंदौर (मप्र)।
हिंदीभाषा डॉट कॉम परिवार द्वारा इस बार १०८ वीं स्पर्धा ‘हमारा भविष्य, ताकत और प्रेरणा’ (विश्व माता-पिता दिवस विशेष) विषय पर कराई गई। हिन्दी के सम्मान में अभिवृद्धि हेतु आयोजित इस कड़े मुकाबले में गद्य में प्रथम स्थान नीलम प्रभा सिन्हा को मिला है। पद्य में पहली विजेता बनने में बबिता कुमावत सफल रही हैं।
यह जानकारी मंच-परिवार की सह-सम्पादक श्रीमती अर्चना जैन और संस्थापक-सम्पादक अजय जैन ‘विकल्प’ ने दी। उन्होंने बताया कि, प्राप्त प्रविष्टियों में से श्रेष्ठता अनुसार निर्णायक मंडल ने इस बार गद्य वर्ग में पहला स्थान ‘माता-पिता ही मेरी ताकत’ आलेख पर श्रीमती सिन्हा (धनबाद, झारखंड) का चुना है, तो दूसरा स्थान ‘माता-पिता हैं शक्ति और प्रेरणा’ हेतु ललित गर्ग (दिल्ली) का है।
श्रीमती जैन ने बताया, कि १ राष्ट्रीय कीर्तिमान, १.५७ करोड़ दर्शकों-पाठकों का अपार स्नेह एवं १० सम्मान पाने वाले इस मंच द्वारा आयोजित उक्त स्पर्धा में पदय वर्ग में बबिता कुमावत (सीकर, राजस्थान) की रचना ‘वे हमारी प्रेरणा’ प्रथम चुनी गई है। इसी कड़ी में ‘ईश्वर का उपहार’ कविता के लिए डॉ. कुमारी कुन्दन (पटना, बिहार) को दूसरा तथा ‘माता-पिता सबसे महान’ रचना पर डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’ (सोलन, हिमाचल प्रदेश) को तीसरा विजेता चुना गया है।
मंच की संयोजक प्रो. डॉ. सोनाली सिंह, मार्गदर्शक डॉ. एम. एल. गुप्ता ‘आदित्य’, परामर्शदाता डॉ. पुनीत द्विवेदी (मप्र) ने सभी सहभागियों को हार्दिक बधाई दी है।