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फिर विश्वास दिखाया, निदेशक पद पर डॉ. विकास दवे तीसरी बार आसीन

मप्र साहित्य अकादमी को हर रचनाकार तक पहुंचाया….
साहित्य जगत में लहर, अनेक संस्थाओं ने जताई प्रसन्नता….

भोपाल (मप्र)।

मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी के निदेशक पद पर प्रसिद्ध बाल साहित्यकार डॉ. विकास दवे को पुनः नियुक्त किया गया है। यह उनका सतत तृतीय कार्यकाल है, जिससे साहित्य जगत में अति हर्ष है।
    शासन के संस्कृति विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार डॉ. दवे की साहित्य, संस्कृति और लोक-सृजन के क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाओं को देखते हुए उन्हें पुनः इस दायित्व की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके पिछले २ कार्यकाल के दौरान अकादमी की गतिविधियों में अभूतपूर्व विस्तार देखा गया है, जिसमें साहित्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को केवल बड़े शहरों तक सीमित न रखकर दूरस्थ ग्रामीण अंचलों और लोक-जीवन तक पहुंचाया गया है। इस नाते डॉ. दवे का पुनः मनोनयन उनके पिछले २ सफल कार्यकाल के बाद हुआ है, जो उनकी दीर्घकालिक सांगठनिक और साहित्यिक दृष्टि को दर्शाता है।
  डॉ. विकास दवे की पुनः नियुक्ति पर प्रदेश के साहित्यिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक जगत के गणमान्य जनों, वरिष्ठ साहित्यकारों एवं युवा रचनाकारों में हार्दिक खुशी छाई है। आपको सभी साहित्य अनुरागियों द्वारा बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित की जा रही हैं। साहित्यिक समुदाय ने विश्वास व्यक्त किया है कि उनके इस नए कार्यकाल में भी प्रदेश की साहित्यिक यात्रा को एक नई दिशा और ऊर्जा प्राप्त होगी।हिन्दीभाषाडॉटकॉम (www.hindibhashaa.com) परिवार भी आपको नए कार्यकाल के लिए पूर्ण सहयोग का विश्वास दिलाते हुए पुन: शुभकामना देता है।

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अंतिम कड़ी तक प्रयास-
      विन्रमता के पर्याय डॉ. दवे ने पिछले कार्यकालों में ‘साहित्य को लोक से जोड़ने’ के संकल्प के साथ चौपालों, जनजातीय क्षेत्रों और सुदूर अंचलों की प्रतिभाओं को एक सशक्त मंच प्रदान किया है। इसके साथ ही अकादमी के माध्यम से कई नए साहित्यिक आयोजनों, पुस्तक प्रकाशनों, युवा रचनाकारों को प्रोत्साहन देने वाली योजनाओं और सांस्कृतिक चेतना का विस्तार करने वाली कार्यशालाओं का भी सफल संचालन किया है। इसके अंतर्गत छोटे जिलों तक अंतिम कड़ी को भी जोड़ा।