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गोष्ठी:राधाष्टमी पर बरसा ‘राधा’ नाम का अमृत

सोनीपत (हरियाणा)।

हिन्दी भाषा एवं सद साहित्य हेतु कृत संकल्पित कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार द्वारा द्वारा शुभ श्री राधाष्टमी पर्व विशेष २५५वीं साप्ताहिक ऑनलाइन काव्यगोष्ठी का आयोजन ‘राधे राधे’ विषय पर अत्यंत भक्तिमय, भावपूर्ण एवं आध्यात्मिक वातावरण में किया गया। ब्रज की अधिष्ठात्री श्री राधिका रानी के पावन प्राकट्य पर्व को समर्पित इस साहित्यिक अनुष्ठान में विभिन्न अंचलों से जुड़े सृजनकारों ने राधा-तत्व, प्रेम, माधुर्य, समर्पण और भक्ति की विविध भावधाराओं को काव्य के माध्यम से स्वर दिया।
    संस्था की संवाद प्रभारी ज्योति राघव सिंह ने बताया कि अध्यक्षता अवधेश प्रसाद मिश्र ‘मधुप’ ने की एवं मुख्य अतिथि डॉ. राजेश तिवारी ‘मक्खन’ रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ विजय रघुनाथराव डांगे द्वारा प्रस्तुत संगीतमय गुरु वंदना, गणेश वंदना एवं सरस्वती वंदना से हुआ। मंगलाचरण की भक्तिमय स्वर-लहरियों ने साहित्यिक मंच को ब्रज की आध्यात्मिक अनुभूति से सराबोर कर दिया। इसके पश्चात भगवानदास शर्मा ‘प्रशांत’, शोभा प्रसाद, रमापति मौर्य, प्रेमलता कुमारी ‘पुष्पेश’, संध्या श्रीवास्तव ‘सांझ’, रमेश चंद्रा गौतम, मणिका वर्मा, ‘मधुप’, ‘मक्खन’, श्री डांगे, राधाश्री शर्मा और पवनेश मिश्र आदि ने भावपूर्ण काव्य प्रस्तुतियों से श्रीराधा के चरणों में शब्द-पुष्प अर्पित किए। अंतिम चरण में राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ का भावपूर्ण गायन किया गया।
  संचालन भास्कर सिंह ‘माणिक’ ने किया। इसके उपरांत संस्थापक श्रीमती राधाश्री शर्मा ने सबके प्रति हृदयपूर्ण आभार व्यक्त किया।