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कल्पकथा नवंबर २०२६ मासिक सम्मान समारोह में विद्वतजन सम्मानित

सोनीपत (हरियाणा)।

प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार द्वारा रघुवंशमणि सिंह के मुख्य आतिथ्य एवं डॉ. गजेन्द्र हरिहरणों ‘दीप’ की अध्यक्षता में कल्पकथा नवंबर २०२६ मासिक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें वाराणसी के पं. अवधेश प्रसाद मिश्र ‘मधुप’ को कल्प शिल्प विभूषण एवं लखनऊ के डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ को कल्प सृजन कौशल सम्राट सम्मान दिया गया।
       संवाद प्रभारी ज्योति सिंह ने बताया कि सम्मान समारोह में कल्पकथा परिवार ने विविध विधाओं में विद्वान रचनाकारों को सम्मानित किया। इसके अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय कलाकार छंद विशारद ‘दीप’ की अध्यक्षता और प्रधान संपादक (राष्ट्रीय दैनिक न्यूज धमाका) रघुवंशमणि सिंह (झारखंड) के मुख्य आतिथ्य में कार्यक्रम का कल्पकथा साहित्य संस्था के चैनल पर सीधा प्रसारण किया गया, जिसमें देशभर के साहित्य प्रेमीजनों की गरिमामय उपस्थिति रही।
  आयोजन में ज्योति प्यासी अनिका को कल्प सृजन भूषण, रमापति मौर्य को कल्प कवि कुल कलश, सूर्यपाल नामदेव को कल्प वैचारिक शिखर एवं विजय रघुनाथराव डांगे को कल्प स्वर साधक सम्मान से सम्मानित किया गया। मंच संचालन एवं संयोजन हेतु भास्कर सिंह माणिक को काव्यगोष्ठी, कीर्ति त्यागी को कल्प भेंटवार्ता और अतुल कुमार खरे को कल्प कथा मंजूषा विशेष कल्प संवाद कौशल अलंकरण से अलंकृत किया गया। इसी तरह ‘मधुप’ को कल्प शिल्प विभूषण सम्मान प्रदान किया गया।
   कल्पकथा परिवार द्वारा विशेष रूप से सृजन और नवाचार को प्रोत्साहन देने के लिए संचालित शब्द आधारित सृजन कार्यक्रम दैनिक कल्प सर्जना में पटल प्रभारी विशेष कल्प सर्जना ध्वजवाहक सम्मान से डॉ. जया शर्मा प्रियंवदा, ‘अनिका’, प्रेमलता कुमारी पुष्पेश, सूर्यपाल नामदेव चँचल, भगवानदास शर्मा प्रशांत तथा अर्चित सावर्णी का अभिनंदन किया गया, जबकि ‘आदित्य’ को कल्प सृजन कौशल सम्राट, सांद्रा लुटावन गणेश को कल्प सृजन कौशल मुकुट एवं शोभा प्रसाद को कल्प सृजन कौशल प्रासाद प्रशस्ति-पत्र से सत्कारित किया गया।
  कार्यक्रम के दौरान रघुवंशमणि सिंह ने कहा कि दीदी श्रीमती राधा श्री शर्मा के नेतृत्व में कल्पकथा साहित्य संस्था के समग्र साहित्यिक आयोजन एवं सांस्कृतिक प्रयास सराहनीय है।
   अंत में राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम’ के  स्मरणोत्सव वर्ष में अमर बलिदानियों के सम्मान में इसके गायन किया गया।
     पवनेश मिश्र ने संचालन की जिम्मेदारी निभाई। तत्पश्चात सभी का आभार व्यक्त किया गया।