भोपाल (मप्र)।
कई बार व्यक्ति विधा को नहीं चुनता, विधा उसे चुन लेती है। मैं चित्रकार बनना चाहता था, लेकिन कविता ने अपना लिया और कविता-सृजन में रम गया।
समारोह के मुख्य अतिथि कवि राजेश जोशी ने सारगर्भित उद्बोधन में यह बात भोपाल में कही। अवसर रहा शांति गया साहित्य, कला एवं खेल संवर्द्धन समिति के वार्षिक सम्मान समारोह में १७ विशिष्ट हस्तियों को सम्मानित करने का। साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ साहित्यकार द्वय गोविंद मिश्र की अध्यक्षता तथा राजेश जोशी के मुख्य आतिथ्य में इस समारोह में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश अनिल वर्मा, प्रख्यात बाल साहित्यकार सुरेंद्र विक्रम (लखनऊ) और सितारा हॉकी खिलाड़ी अशोक ध्यानचंद विशेष अतिथि रहे। दुष्यंत पांडुलिपि संग्रहालय के सभागार में आयोजित इस समारोह में प्रबोध गोविल को शांति गया स्मृति शिखर सम्मान, हॉकी खिलाड़ी अशोक ध्यानचंद को शांति गया लाइफटाइम स्पोर्ट्स अचीवमेंट अवॉर्ड, दिनेश कुमार माली को हरिशंकर श्रीवास्तव स्मृति साहित्य श्री सम्मान और आचार्य राजेश कुमार को नैली राजेश सिंह स्मृति उपन्यास शिरोमणि सम्मान से सम्मानित किया गया। अन्य साहित्यकार में मनोरमा पंत, डॉ. मालती बसंत, पद्मा चौगांवकर, दीपक गिरकर (इंदौर) और डॉ. गिरिजेश सक्सेना आदि को भी सम्मानित किया गया।
सम्मान समारोह से पूर्व काव्य गोष्ठी में शहर के ९ कवियों ने कविता पाठ किया। गोष्ठी की अध्यक्षता प्रियदर्शी खैरा ने की। गाजियाबाद के वरिष्ठ साहित्यकार श्रवण कुमार उर्मलिया मुख्य अतिथि तथा बाल साहित्यकार रजनीकांत शुक्ल विशिष्ट अतिथि रहे।
कार्यक्रम का संचालन घनश्याम मैथिल ‘अमृत’ और खेल कमेंटेटर दामोदर आर्य ने किया। कांता राय ने आभार व्यक्त किया।