फिर से मनुष्य बनें, करुणा जगाएं

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** ‘विश्व दयालुता दिवस’ (१३ नवम्बर) विशेष… आज का मनुष्य जितनी तीव्रता से भौतिक प्रगति कर रहा है, उतनी ही तेजी से मानवीय मूल्यों और संवेदनाओं से दूर होता जा रहा है। विज्ञान ने जीवन को सुविधाजनक बनाया है, परंतु उसने मनुष्य को आत्मकेंद्रित भी कर दिया है। प्रतिस्पर्धा, उपभोगवाद, स्वार्थ और सत्ता … Read more

पुस्तक लोकार्पित, सम्मान किया

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रोहतक (हरियाणा)। साहित्य सम्पदा हिंदी साहित्य मंच रोहतक द्वारा आयोजित सम्मान समारोह और कवि सम्मेलन में नफे सिंह योगी मालड़ा की पुस्तक ‘सूखा समंदर’ (कहानी संग्रह) का लोकार्पण किया गया। उपस्थित साहित्यकारों और कवि समुदाय द्वारा श्री योगी को समाज में विचार, संवेदना और मानवीय मूल्यों के संप्रेषण हेतु माता इंदिरा स्वप्न स्मृति सम्मान दिया … Read more

कविता और कव्वाली से बांधा समा

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अजमेर (राजस्थान)। अजयमेरु प्रेस क्लब में दीपावली स्नेह मिलन समारोह रविवार को क्लब के सभागार में आयोजित किया गया। आरम्भ माँ सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन से हुआ।इस अवसर पर संस्थापक अध्यक्ष डॉ. रमेश अग्रवाल, अध्यक्ष राजेंद्र गुंजल, महासचिव अरविंद मोहन शर्मा आदि उपस्थित रहे। इस मौके पर अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त हास्य कवि रास … Read more

आ रहा सिंहस्थ… अमृत बरसेगा

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** सिंहस्थ आ रहा अवंतिका द्वार,अमृत बरसेगा हर घर के द्वार। नयन थके हैं सुनो हे पालनहार,दर्शन से होगा सबका बेड़ा पार। सेवकों की मीठी वाणी करती थी आदर-सम्मान,प्रेरणा देते कर्म पर है आज सबको है अभिमान। क्षिप्रा नदी में तैरते जलते दीपक ने भी जाना,वो अपनी लौ से बता रहा सिंहस्थ … Read more

भारतीय साहित्य पर चिंतन-मनन की महती आवश्यकता-प्रो. बाबूराम

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देहरादून (उत्तराखंड)। वर्तमान में भारतीय ज्ञान परम्परा, सामाजिक समरसता, पर्यावरण, भारतबोध, टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, भारतीय साहित्य विश्व साहित्य पर चिंतन मनन की महती आवश्यकता है। निशंक जी का साहित्य विश्व साहित्य की श्रेणी में परिगणित होता जा रहा है। अन्तरराष्ट्रीय साहित्य संस्कृति एवं कला उत्सव-२०२५ में यह विचार मुख्य वक्ता के रूप में ‘रमेश पोखरियाल … Read more

कर देती हैं पूर्ण

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** कर देती हैं पूर्ण समर्पणनहीं कामना प्रतिफल की,करतीं हैं स्वीकार चुनौतीलिखें कहानी प्रतिपल की। नभ, थल चाहे गहरा सागरबढ़ कर उसको नाप लिया,देश की नेता बनीं बेटियाँराजनीति स्वीकार किया। तोड़ पुराने बंधन उसनेख़ुद्दारी को मोल लिया,आगे-आगे कदम बढ़ानेकठिन परिश्रम खूब किया। तूफ़ानों से लड़ना सीखासीमा पर ललकार दिया,उनके घर में घुसकर माराबड़ा … Read more

‘यादगार लम्हे’ में पद्मश्री प्रो. राम दरश मिश्र को दी श्रद्धांजली

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नोएडा (उप्र)। पेड़ों की छाँव तले फाउंडेशन के तत्वावधान में राष्ट्रीय साहित्यिक मासिक गोष्ठी ‘यादगार लम्हे’ शीर्षक से की गई। ‘स्मृति शेष’ पद्मश्री प्रो. राम दरश मिश्र पर केंद्रित इस गोष्ठी में सभी ने क्रमवार अपनी यादों को भावपूर्ण शब्दों के साथ साझा किया तथा श्रद्धांजलि अर्पित कीश्रद्धांजलि अर्पित करने वाले साहित्यकारों में प्रमुख रूप … Read more

दर्द लिख जाऊँ

सीमा जैन ‘निसर्ग’खड़गपुर (प.बंगाल)********************************* प्रेम पर लिखूं, इश्क को गाऊं काले तिल की महिमा बताऊं, आत्मा अभी मरी न इतनी…राष्ट्र शोक में चुप रह जाऊं। सबका दुःख महसूस करूं चीथड़े देखकर अश्क़ बहाऊं, ईश्वर ने गर कलम थमाई…हर इंसा का दर्द लिख जाऊँ। कलम को हथियार बना लूँ अश्कों की स्याही भर पाऊं,जितने भी घर कल उजड़े हैं…उस पर मलहम … Read more

जीवन का मतलब आना और जाना

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** इस तन का अभिमान न करना, यहीं पड़ा रह जाएगा,माटी का यह चोला तेरा, माटी में मिल जाएगा। चाहे राम हो चाहे श्रीकृष्ण, नर रूप में जन्मे थे,दोनों ने अपने जीवन में लाखों कष्ट सहे थेश्रीकृष्ण को जीवन में बेहद अपमान मिला,रणछोड़ और रसिया तक उनको कहा गयाकितने ही कष्ट सहे, विचलित … Read more

पहुँचे तोरण द्वार

डॉ.एन.के. सेठी ‘नवल’बांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* वर घोड़ी पर बैठकर, पहुँचे तोरण द्वार।दर पे तोरण मारकर, शुरू करे संस्कार॥ सज धज बैठी है वधू, मन में भर उत्साह।दूल्हा सज कब आयगा, होगा आज विवाह॥ दूल्हा घोड़ी पर चढ़े, संग चले बारात।बाराती सब नाचते, खुशी भरी है रात॥ दो हृदयों का मेल ही, होता सुभग विवाह।जीवन में … Read more