मन सुमन पुलकित
सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** दीप जलें, मन महके (दीपावली विशेष)… मन सुमन पुलकित है धरा पर दीप का त्यौहार है,वन बाग उपवन वाटिकाशोभित नवल श्रृंगार है। उत्साह, प्यार, उमंग, वैभवसे सुशोभित द्वार है,जगमग धरा होती सकलआलोक का संसार है। सारा जगत है हर्ष में परकुछ के घर अंधकार है,बन दीप खुद कर दें उजालायह बात बस … Read more