प्रदूषण:अधिकार के लिए एकजुट हों

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण एक बार फिर दुनिया की नजरों में भारत की राजधानी को शर्मसार कर रहा है। कभी संस्कृति, ऊर्जा और प्रगति की पहचान रही दिल्ली आज धुएं और धूल की चादर में लिपटी दिखाई देती है। हवा में घुला ज़हर इस हद तक बढ़ चुका है कि साँस लेना … Read more

छठी मईया की भक्ति को समर्पित रही काव्य संध्या

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सोनीपत (हरियाणा)। लोक आस्था के मंगल उत्सव छठ महापर्व विशेष २२०वीं काव्य संध्या छठी मईया की भक्ति आराधना को समर्पित रही। राष्ट्रीय ओज एवं आशुकवि भास्कर सिंह माणिक के मंच संचालन में कार्यक्रम का शुभारंभ नागपुर से विद्वान साहित्यकार विजय रघुनाथराव डांगे द्वारा संगीतमय सरस्वती वंदना के साथ हुआ।संस्था की संवाद प्रभारी ज्योति राघव सिंह … Read more

स्वास्थ्य और दीर्घायु होने का आशीर्वाद मिलता है संतान को

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ छठ पर्व विशेष… छठ पर्व षष्ठी का अपभ्रंश है। कार्तिक मास की अमावस्या को दीपावली मनाने के ६ दिन बाद कार्तिक शुक्ल को मनाए जाने के कारण इसे छठ कहा जाता है।यह ४ दिन का त्यौहार है और इसमें सफाई का खास ध्यान रखा जाता है। इस व्रत को करने के नियम … Read more

आई है लालिमा

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ भोर की बेला,ओस की बूँदेंहरी-भरी वसुंधरा,सूरज की लालिमा। नई सुबह नयापन,सकारात्मकता का उजालासभी इसमें समाहित,चारों और सूरज की लालिमा। नई सुबह नए विचार,आगाज हो गया संकल्पों काछोड़ पुरानी बातों को,फैली है सूरज की लालिमा। बीत गया वहाँ कल था,आज फिर नई सुबह हैनए शब्दों का श्री गणेश हो,इसी लिए आई … Read more

मनमोहक गीत, ग़ज़ल एवं कविताएं बरसी गोष्ठी में

पटियाला (पंजाब)। स्वाभिमान साहित्यिक मंच द्वारा ३९वें राष्ट्रीय कवि दरबार में साहित्य प्रेमियों का समागम हुआ। इसका संयोजन नरेश कुमार आष्टा ने किया। अध्यक्षता की जिम्मेदारी उत्तराखंड की सोनिया आर्या सब्र ने संभाली।    कार्यक्रम की शुरूआत सरस्वती वंदना से हुई, जिसे जागृति गौड़ ने प्रस्तुत किया। इसके बाद स्वाति चौरे ने मनमोहक गीत ‘वो सुख … Read more

‘कलमकार’ के सौजन्य से हुआ बेहतरीन कवि सम्मेलन

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दिल्ली। संस्था कलमकार के सौजन्य से लखनऊ में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय साहित्यकार महेंद्र भीष्म रहे। संयोजिका प्रिया श्रीवास्तव ‘दिव्यम्’ ने बताया कि माँ सरस्वती की कृपा और गुरुजनों के आशीर्वाद से आयोजन सफल रहा। इसकी अध्यक्षता प्रसिद्ध शायर एवं एसपी राकेश मिश्रा ‘तूफान’ ने की। हास्य कवि पवन आगरी … Read more

त्योहार के बाद का खालीपन

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** दीपक बुझे,धुआँ खोता खुशबूरात रो पड़ी। रंग उतरे,आँगन सूना बोलादम ठिठके। छत अकेली,एक दीया है बुझास्मृति चमकी। सड़कें सूनी,ढोलक गूँज गईधूल ही नाची। पेड़ों के नीचे,गिरे कागज़ फूलमौन बिछा है। मीठी बातों का,स्वाद है फीका पड़ाचाय अकेली। बदले बच्चे,फुलझड़ियाँ सोईंआँगन ठंडा। शहर थका,बिजली सुस्त हुईनींद गहरी। मन खाली है,जैसे गीत अधूरासुर भटके। … Read more

नए युग का नया सबेरा

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* अभिनंदन स्वागत करते हम,युवाशक्ति नव तकनीक हमारानयी सोच नव विकसित भारत,नये युग का नया सबेरा। भरो उमंगें प्रोत्साहन मन,सत्पथ धारा पौरुष यौवनखिले अरुणिमा नव विहान में,भारत उद्यम युवा सहारा। शिक्षा पद्धति बहुत उन्नत,विकसित डिजीटली सहारासंगणकों गूगल पट शोभित,ज्ञान जलधि बहु विज्ञानी धारा। तकनीकों रोबोट यंत्र में कृषि,शौर्य बल युव … Read more

ज्ञान का दर्पण

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* ज्ञान का दर्पण कर रहा, खुशियों की जयकार।नीति, सत्य अरु धर्म से, पलता है उजियार॥ ज्ञान का दर्पण चेतना, दीपक का संदेश।कितना भी सामर्थ्य पर, रहे मनुज का वेश॥ ज्ञान का दर्पण कह रहा, करना मत अभिमान।दीपक करने आ गया, आज तिमिर-अवसान॥ ज्ञान का दर्पण साधता, खुशियों का आवेश।विनत भाव से … Read more

प्रकृति और अस्तित्व

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)********************************************* सूरज आरक्त होकर पश्चिम की देहरी पर ढलने जा रहा है। अपने सम्पूर्ण ओज से ढुल-मुल स्वर्णिम किरणों का आख़री स्पर्श सृष्टि पर फेरता हुआ धीरे-धीरे क्षितिज के उस पार ओझल होता जा रहा है। शाम अपने रंगीन अंदाज से छम-छम पैंजनिया बजाती हुई बिल्ली के कदमों सी हौले-हौले उतरने लगी … Read more