समय क्यूँ न ठहरा
डॉ. गायत्री शर्मा ’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* हमें याद आयेगें वो बीते पल जो,गुजर ही गये कुछ पल साथ रहकरसमय क्यूँ न ठहरा पल दो पल को,क्यूँ उड़ गया तितलियों की तरह वह। गुनगुनाते ये भँवरे बागों में जब भी,तो दे देना उनको तुम कोई संदेशामेरी मुंडेरों पर बोलेगा कागा तो,होगा मुझे तब आने का अंदेशा। … Read more