‘​नर्मदा साहित्य मंथन’ में सपना साहू ‘स्वप्निल’ सम्मानित

​इंदौर (मप्र)। देवी अहिल्या विवि के तक्षशिला परिसर स्थित सभागार में विश्व संवाद केंद्र द्वारा आयोजित मध्यप्रदेश के वृहद साहित्य सम्मेलन ‘नर्मदा साहित्य मंथन’ में देशभर के प्रतिष्ठित इतिहासकारों, कवियों, लेखकों, साहित्यकारों और पत्रकारों सहित प्रबुद्धजनों ने सहभागिता की। इस साहित्योत्सव के अंतर्गत अभा लेखन प्रतियोगिता में सपना सी.पी. साहू ‘स्वप्निल’ को उत्कृष्ट अभिव्यक्ति के … Read more

झीलों की नगरी में प्रतिभावान साहित्यकार पुरस्कृत

भोपाल (मप्र)। अंतर्राष्ट्रीय विश्व मैत्री मंच का १२ वां राष्ट्रीय सम्मेलन एवं २५वां हेमंत स्मृति कविता सम्मान समारोह शनिवार को भोपाल के ला पर्ल होटल में आयोजित किया गया। इसमें ३ सत्रों में बहुमुखी प्रतिभावान साहित्यकार पुरस्कृत किए गए।आरंभ दीप प्रज्वलन एवं महिमा श्रीवास्तव वर्मा द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। मंच की संस्थापक अध्यक्ष … Read more

सामाजिक सरोकार निर्मित करती है शील कौशिक की लघुकथाएं

hindi-bhashaa

पटना (बिहार)। लघुकथा अपने सीमित कलेवर में व्यापक जीवन सत्य को अभिव्यक्त करने वाली सशक्त विधा है। कम शब्दों में गहरी संवेदना और सामाजिक यधार्थ को उकेरना ही इसकी मूल विशेषता है। सामान्यत: ‘जिद’ को सकारात्मक अर्थों में देखा जाता है, किंतु डॉ. शील कौशिक ने अपनी इस लघुकथा ‘जिद अच्छी है’ में जिद को … Read more

अब दुनिया को चाहिए बेटियाँ

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ वंश चलाने के नाम पर सदियों से बेटों की चाहत रखने वाली दुनिया की सोच अब बदल रही है। पहले लोगों ने बेटियों को दुनिया में आने से रोका, वहीं अब बेटों से ज्यादा बेटियों की चाहत बढ़ रही है। अब वह बोझ की तरह नहीं, वरन् वरदान समझी जा रही है। … Read more

विष्णु के विविध अवतारों को समर्पित रही कल्पकथा काव्य गोष्ठी

सोनीपत (हरियाणा)। कल्पकथा परिवार की साप्ताहिक काव्य गोष्ठी (२३४) विषय ‘माघ पूर्णिमा एवं भगवान श्री हरि नारायण विष्णु के अवतार’ पर अत्यंत साहित्यिक वातावरण में सफलतापूर्वक हुई। यह आयोजन भक्ति, राष्ट्रभाव और साहित्यिक चेतना का अनुपम संगम सिद्ध हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि कवि अमित पण्डा ‘अमिट रोशनाई’ रहे।परिवार की संवाद प्रभारी ज्योतिसिंह ने बताया कि … Read more

बासंती दौर

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* सखी! आज तो भौंरे, कलियों को चूमे,है पराग की चाह, वनों-उपवन में घूमे।मन में लिए उमंग, बसंती हवा चल रही-जिसने पाया मीत, वहीं मस्ती में झूमे॥ आया है ऋतुराज, गीत मौसम के गाता,सरसों का उल्लास, आज जन-जन को भाता।वन-उपवन हैं दिव्य, कछारों में है यौवन-मिलन-नेह का भाव, गीत अभिसारी गाता॥ कामदेव … Read more

अहंकार से मुक्ति और जिम्मेदारी का बोध कराती है माँ नर्मदा

‘नर्मदा साहित्य मंथन’… इंदौर (मप्र)। माँ नर्मदा नदी मनुष्य को अहंकार से मुक्ति दिलाने के साथ ही जिम्मेदारी का बोध भी कराती है। नर्मदा केवल एक शब्द नहीं है। जो नदी नर का मद यानी अहंकार हर ले, वही नर्मदा नदी है। यदि मनुष्य हो अपने अहंकार से मुक्ति चाहिए तो उसे नर्मदा नदी की … Read more

उत्सव मनाएं, शान सजाएं

सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*************************************** उत्सव मनाएं, उत्सव मनाएं,आज राष्ट्र की शान सजाएंजन गण मन अधिनायक गाएं,आज राष्ट्र की शान सजाएं। सब मिल देश धवजा फहराएं,ध्वजा फहराएं, मंगल गाएंदेकर बधाई उत्सव मनाएं,गणतंत्र दिवस, शान सजाएं। जाति-पाति का भेद मिटाएं,ऊँच-नीच को जड़ से मिटाएंबंधुत्व सहयोग, आओ बढ़ाएं,देश की रक्षा, लहू में समाए। निर्वाचन का महत्व समझें,निर्वाचन … Read more

छायावाद के प्रखर स्तम्भ ‘जयशंकर’

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* मन में दीप जलाए शंकर तम से प्रतिदिन लड़ते जाते,आशा नवसुर शब्द सजाकर, शंकर राहें गढ़ते जाते।मौन की कोख में पलती है अनकही अन्तर्मन अनुभूति-सपनों को सच करने तत्पर, पौरुष पग-पग बढ़ते जाते॥ शब्दों की शुचि गंगाजल में हिय भाव कमल खिलते जाएँ,संवेदित अंतस से गीतों मधुरिम छन्दों ढलते … Read more

‘विफलता’ तुम मत आना

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ विफलता तुम मत आना मेरी गली,हम सफलता की सहेली हैंहमने हर विफलता को भगाया है,दर्द के पन्नों को फाड़ा है। गुलाब-सी खिली सफलता की,पंखुरियों को जीवन ने सजाया हैवर्णन करती हूँ सबसे मैं सफलता का,विफलता तू ना आना मेरी गली। चरित्र मेरा सफल है,क्यों मैं विफलता से डरूँ ?खिले फूल हैं जीवन … Read more