संजीदगी कुछ-कुछ

ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** रचनाशिल्प:२२१२ २२१२ २२१२ २२१२ आज फ़ित्ना में लगे पाकीज़गी कुछ-कुछ।मुस्कराहट लाएगी संजीदगी कुछ-कुछ। साँस बन बहते यहीं वादे सबा में तुम,हो रही महसूस अब मौजूदगी कुछ-कुछ। चाक है दिल क्यों चला सीने कहीं खंजर,बेलगाम कही सुनी शर्मिंदगी कुछ-कुछ। बेख़ुदी में गुम हयात फँसी घुटी चीखें,क्या नशे में भागती ये तिश्नगी कुछ-कुछ। एक … Read more

एहसान जताते लोग हैं

ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** एहसान ऐसे फालतू क्यों कर जताते लोग हैं।दरअसल में इंसानियत को भूल जाते लोग हैं। फुरसत नहीं एक-दूसरे को बोलने की घर में कभी,वो गैर का हमदर्द बन अपना मगज खपाते लोग हैं। जो झांकते हैं और के घर में हमेशा उछल कर,दिल में लगाये घूमते ऊंचे अहाते लोग हैं। जो समझते … Read more

रोज मर जाना श़गल इनका

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** रोज मरते हैं जो मय्यत भी सजा सकते हैं,कैसे ज़िन्दा हैं वही लोग बता सकते हैं, अपने मरने का जो अंदाज़ दिखा सकते हैं,राज है क्या ये वही लोग बता सकते हैं। रोज मरते हैं मगर शाम तलक फिर जिन्दा ?ये किसी पर भी वो इल्ज़ाम लगा सकते हैं। रोज मर … Read more

ख्वाब हम भी सजा लें

अरशद रसूलबदायूं (उत्तरप्रदेश)****************************************** हरिक बदगुमानी को दिल से निकालें,हमें तुम संभालो,तुम्हें हम संभालें। यह जीवन बिखरने लगा है अभी से,नज़र एक-दूजे की जानिब घुमा लें। अगर ग़म को बदनाम करना नहीं है,चलो बंद कमरे में आँसू बहा लें। कभी दरमियां तुम किसी को न लाना,हमें तुम मना लो,तुम्हें हम मना लें। यहां कोई अपना हितैषी … Read more

वीरों ने दिखाया शौर्य

जसवीर सिंह ‘हलधर’देहरादून( उत्तराखंड)*************************************** कभी संतूर जैसी धुन निकलती क्या नगाड़ों में।नहीं बादाम-सी ताकत कभी मिलती सिंघाड़ों में। बिना हथियार वीरों ने दिखाये शौर्य के करतब,चबा डाले चवालिस चीन के सैनिक जवाड़ों में। नदी आवाज खो बैठी सुरीली जल तरंगों की,भयानक नाद था उस वक्त शेरों की दहाड़ों में। छुपे थे युद्ध के एलान चीनी … Read more

मुस्कुराते रहेंगे

अनिल कसेर ‘उजाला’ राजनांदगांव(छत्तीसगढ़)************************************ बिन तेरे हम मुस्कुराते रहेंगे।चाहा है तुमको छुपाते रहेंगे। ग़म न आये कभी जीवन में तेरे,ख़ुदा को सदा हम मनाते रहेंगे। करो हमसे जितनी भी नफरत सनम,प्यार में सर सदा झुकाते रहेंगे। जहाँ भी रहो,वहाँ खुशी से रहना,आपका साथ हम निभाते रहेंगे। राहों में तेरे ‘उजाला’ रहेगा,शमा बन खुदी को जलाते रहेंगे॥ … Read more

शिकायत ज़ियादा

सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश)****************************************** उठाई न जिसने मुसीबत ज़ियादा।उसे है ख़ुदा से शिकायत ज़ियादा। महब्बत की है सिर्फ इतनी कहानी,विसाल इक घड़ी और फ़ुर्क़त ज़ियादा। सियासत उन्हें भी कहाँ छोड़ती है,जो करते रहे हैं सियासत ज़ियादा। अदावत है दोनों में लेकिन अदा से,नज़र आ रही है रफ़ाक़त ज़ियादा। है कैसा चलन अब परेशान … Read more

जीना मगर दुश्वार तो होगा…

सरफ़राज़ हुसैन ‘फ़राज़’मुरादाबाद (उत्तरप्रदेश) ***************************************** बड़ा नादान ‘है कम्बख़्त कुछ ‘हुशयार तो होगा।लगेगी ज़र्ब जब दिल ‘पर तो दिल बेदार तो होगा। तू ही पहली तमन्ना थी तू ही है आख़िरी ख़्वाहिश,क़रीब-ए-दार हो चाहे ‘तिरा दीदार तो होगा। बला से आग लग जाए दिलों मेंं ‘इन रक़ीबों के,मगर ‘खुश देख कर ‘तुझको तिरा बीमार तो होगा। … Read more

भक्त शबरी से कहाँ आज ?

अरशद रसूलबदायूं (उत्तरप्रदेश)****************************************** राम के नाम की सबको यह दुहाई देंगे,सिर्फ नारों में तुम्हें राम सुनाई देंगे। बेर झूठे ही सही प्यार मिला था उनमें,भक्त शबरी से कहाँ आज दिखाई देंगे। वक्त पड़ने पे यही लोग बदल जाते हैं,जीत रावण की अगर हो तो बधाई देंगे। कोई आदर्श लुभाता ही नहीं आज इन्हें,छोड़कर राज कहाँ … Read more

बनाएं प्यार का भारत

अरशद रसूलबदायूं (उत्तरप्रदेश)****************************************** मुहब्बत के दीए हम सब जलाएं इस दिवाली पर।अंधेरे दिल से मिलकर हम भगाएं इस दिवाली पर। नहीं हो बैर आपस में बनाएं प्यार का भारत,जमाने से बुराई सब मिटाएं इस दिवाली पर। पटाखे फुलझड़ी बम चरखियों से दूर ही रहना,सुखद वातावरण अपना बनाएं इस दिवाली पर। सभी को हम करें शामिल … Read more