जीवन…उजाला मिल जाए

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** जीवन में अंधेरा है फिर भी मजबूर हुए जीने के लिए।अंतर को उजाला मिल जाए कुछ आने वाले पल के लिए॥ आकाश निरंतर कहता है तुम…

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सपनों का भारत

दुर्गेश कुमार मेघवाल ‘डी.कुमार ‘अजस्र’बूंदी (राजस्थान)************************************************** गाँधी-शास्त्री जयंती विशेष... बापू तेरे सपनों का भारत,आज बड़ी मुश्किल में है।सत्य अहिंसा तुझको पाने,ढूंढे हर महफ़िल में है॥बापू तेरे सपनों का भारत… सच…

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कन्यारूपी देवी

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* कन्या तो है देवीरूपा,सबके दुख को हरती है।बेटी प्रति अनुराग लुटाओ,वो जगमग जग करती है॥ बेटी में दुर्गा,काली है,बेटी सचमुच दिव्या है।बेटी तो है भजन-आरती,बेटी नित…

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नौ रूपों की वंदना

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* माता के नौ रंग (नवरात्रि विशेष).... तम को हरने वाली माता,आज उजाला कर दे।धर्म,नीति में जो हैं रहते,उनको अब तू वर दे॥ नौ रूपों में तू…

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मुझको राह दिखाती मैया मूरत तेरी

विजयलक्ष्मी विभा इलाहाबाद(उत्तरप्रदेश)************************************ माता के नौ रूप (नवरात्रि विशेष)... मैया कैसे चढ़ूं पहाड़,है डगरिया तेरी कटीली।पत्थर, कंकड़, झाड़ी-झंखड़,तिस पर राह अँधेरीगिरूं, पड़ूं चढ़ती ही आऊँ,लगन लगी है मेरी।मुझको राह दिखाती जाय,मैया…

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मानवता जीवन की शोभा

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* प्रेम-नेह को जब बाँटोगे, तब जीने का मान है।मानवता जीवन की शोभा, मिलता नित यशगान है॥ जाति-पाँति में क्या रक्खा है,ये बेमानी बातें हैं,मानव-मानव एक बराबर,ऊँच-नीच…

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बने मातृ भाषा जन-जन की

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)****************************************************** हिंदी और हमारी जिंदगी... हिन्द देश के हैं हम वासी,हिन्दी सबकी जान है।अपनी संस्कृति जीवित इनसे,इनसे ही पहचान है॥ संस्कृत से उद्गम यह भाषा,जीवन यही…

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जीवन भर सुख पाते

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* श्राद्ध पक्ष विशेष... श्राद्ध-कर्म से पितृ हमारे,परम तुष्ट हो जाते।पितरों के आशीषों से हम,जीवन भर सुख पाते॥ श्राद्ध-कर्म इक चेतना,यह तो पावन काम,श्राद्ध-कर्म नित मांगलिक,पुरखों का…

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हिन्दी दिवस सजाएं..

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ********************************************* हिन्दी और हमारी जिंदगी.... हिन्दी दिवस सजाएं, खुशियाँ सदा मनाएं।भारत की शान है ये, दुनिया में सब बताएं॥ थी चौदहवीं सितम्बर, उन्नीस सौ उनन्चास्,अधिकार…

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हिंदुस्तान हमारा है

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)******************************************************************** जाग उठो ऐ वीर जवानों,हिंदुस्तान हमारा है।सबक सिखा दो अरि को रण में,जिसने भी ललकारा है॥ आँख नोंच लेना तुम उनकी,जो भी आँख लड़ाते हो।हाथ…

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