कट्टरपंथ का अंधानुकरण न करें

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखिया डॉ.मोहन भागवत ने एक सभा में कहा कि मुसलमान नेताओं को कट्टरपंथियों के खिलाफ दो-टूक रवैया अपनाना चाहिए। यह भी कहा कि यह ऐतिहासिक सत्य है कि भारत में इस्लाम विदेशी हमलावरों की वजह से आया है,लेकिन साथ-साथ यह भी कहा कि सारे भारतीयों का डीएनए एक … Read more

सभी पर्वों का राजा पर्यूषण पर्व

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************** दसलक्षण पर्व-उत्तम क्षमा (१०सितम्बर)विशेष… यह सभी पर्वों का राजा है। इसे आत्मशोधन का पर्व भी कहा गया है,जिसमें तप कर कर्मों की निर्जरा कर अपनी काया को निर्मल बनाया जा सकता है। पर्यूषण पर्व को आध्यात्मिक दीवाली की भी संज्ञा दी गई है।दुनिया के सबसे प्राचीन धर्म जैन धर्म को श्रमणों का धर्म … Read more

शिल्पाचार्य भगवान विश्वकर्मा

मंजू भारद्वाजहैदराबाद(तेलंगाना)******************************************* पृथ्वी के निर्माण के संबंध में २ तरह के दर्शन बताए जाते हैं। एक है वैज्ञानिक दर्शन,जिसमें वनमानुष से मनुष्य के विकास का दर्शन और दूसरा है अध्यात्मिक दर्शन। पृथ्वी के निर्माण के समय अनेक प्रकार के देवी-देवता विद्यमान थे। उन्हीं में से भगवान विश्वकर्मा का भी प्रादुर्भाव हुआ,जो पृथ्वी पर शिल्पकला विज्ञान … Read more

हिन्दी को लेकर भ्रामक शोध

डॉ. अमरनाथ************************************************************ केन्द्रीय हिन्दी संस्थान ने आनंद कुमार (निदेशक-नीति, गृह मंत्रालय,भारत सरकार) को प्रेषित अपने नवीनतम पत्र (तारीख नहीं)में २८ जुलाई २०२१ को प्रेषित अपने पूर्व पत्र से पल्ला झाड़कर समझदारी का काम किया है। संस्थान की ओर से निदेशक डॉ. बीना शर्मा ने अपने पूर्व पत्र का उल्लेख करते हुए स्पष्टीकरण दिया है और … Read more

बेलगाम बोलने-लिखने पर रोक

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* सर्वोच्च न्यायालय ने वेब पोर्टल्स और यू ट्यूब चैनलों पर चल रहे निरंकुश स्वेच्छाचार पर बहुत गंभीर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि संचार के इन माध्यमों का इतना जमकर दुरुपयोग हो रहा है कि उससे सारी दुनिया में भारत की छवि खराब हो रही है। देश के लोगों को … Read more

हिंदी के साहित्यकार कब आत्मचिंतन करेंगे ?

निर्मलकुमार पाटोदीइन्दौर(मध्यप्रदेश)************************************************** मेरा हिंदी जगत से जुड़े सभी साहित्यकारों से सीधा प्रश्न है कि वे बताएं कि उनकी रची कृतियों का प्रकाशन कितनी संख्या में होता है ?कम से कम पांच सौ,तीन सौ। ऐसे भी कितने हैं जिनकी कृतियों का प्रकाशन १ लाख,५ लाख अथवा १० लाख संख्या में होता है। क्या इस विषय में … Read more

हिन्दी का सजग प्रहरी पत्रकार-आचार्य शिवपूजन सहाय

डॉ. अमरनाथ*************************************************************** हिन्दी योद्धा……. आचार्य शिवपूजन सहाय के निधन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए रामधारी सिंह दिनकर ने कहा था,-“अगर उनकी सोने की मूर्ति लगाकर,चारों ओर पत्तर पर हीरे जड़ दिए जाएं,तो भी उनकी हिन्दी-सेवा का प्रतिदान नहीं चुकाया जा सकता।” कर्मेन्दु शिशिर ने अपनी पुस्तक ‘पत्रकारिता के युग-निर्माता:शिवपूजन सहाय’ में लिखा है,- “जीवन … Read more

विलुप्त होता शिक्षक धर्म

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)*************************************** शिक्षा-ज्ञान एक ऐसा दीपक है,जिसके द्वारा कभी अन्धकार नहीं मिलता या होता है। ज्ञान रुपी प्रकाश से अज्ञानता विलीन होती है। शिक्षा या ज्ञान का महत्व हर युग में बहुत रहा है,इसलिए ज्ञान की देवी सरस्वस्ती पूज्यनीय हैं। पहले गुरुकुल में जाकर ज्ञान प्राप्त किया जाता था,चाहे सामान्य विद्यार्थी हो या राजकुमार हो। … Read more

काबुलःभारत करे नई पहल

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* काबुल हवाई अड्डे पर हुए हमले के जवाब में अमेरिका ने २ हमले किए। अमेरिकी राष्ट्रपति ने घोषणा की थी कि वे उन हत्यारों को मारे बिना चैन नहीं लेंगे। अभी तक यही पता नहीं चला कि जो ड्रोन हमले अमेरिका ने किए हैं,वे किन पर किए हैं और उनसे मरनेवाले कौन … Read more

काबुलःबैठे रहो और देखते रहो ?

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* भारत सरकार की अफगान नीति पर हमारे सभी राजनीतिक दल और विदेश नीति के विशेषज्ञ काफी चिंतित हैं। उन्हें प्रसन्नता है कि तालिबान भारतीयों को बिल्कुल भी तंग नहीं कर रहे हैं और भारत सरकार उनकी वापसी में काफी मुस्तैदी दिखा रही है। वह जो भी कर रही है,वह तो किसी भी … Read more