चर्चा

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‘गेहूँ’ से नुकसान बताना मतलब ‘पूर्णिमा’ को ‘अमावस्या’ कहना

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** भारत वर्ष १५ अगस्त १९४७ को जरूर स्वतंत्र हुआ है, पर हम अभी भी पश्चिमी सभ्यता की मानसिक गुलामी में जी रहे हैं। अन्न गेहूँ हम प्राचीन काल […]

राष्ट्रभाषा व देशवासियों के कानूनी अधिकारों का प्रश्न:शंका और मंशा

डॉ. एम.एल. गुप्ता ‘आदित्य’मुम्बई(महाराष्ट्र)********************************************** भाषाओं का जागृति अभियान…. सभी पथ के साथी पूरे मनोभाव से भारत नाम और भारतीय भाषाओं को आगे बढ़ाने के लिए जिस प्रकार जोश और उत्साह […]

अनन्त क्षमताओं की जागृति से ही मिलेगी सफलता

मुकेश कुमार मोदीबीकानेर (राजस्थान)**************************************** जीवन में अनेक प्रकार की परिस्थितियाँ आना हमारे जीवन्त होने का प्रमाण है। परिस्थितियाँ, समस्याएँ, मुश्किलें तो जीवन में आती रहती है और हर व्यक्ति उन […]

हिंदी! तुम सदा रहो हिंदुस्तानी

शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* हिंदी और हमारी जिंदगी… हिंदी हम भारतीय नागरिकों की जीवनदायिनी है। लगभग पूरे भारत में हर जाति, धर्म व प्रदेश के लोग हिंदी जानते हैं और […]

चीन कर रहा पाक का नुकसान

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* चीन कहता है कि पाकिस्तान और उसकी दोस्ती ‘इस्पाती’ है, लेकिन चीन ही उसका सबसे ज्यादा नुकसान कर रहा है। आतंकवादियों को बचाने में चीन पाकिस्तान की […]

चीते आ गए, पर घटते जंगल भी बचाएं

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** क्या देश में सर्वाधिक जंगलों वाला मध्यप्रदेश भविष्य में ‘चीता राज्य’ कहलाएगा या नहीं इसका जवाब तो आगे चलकर मिलेगा, लेकिन फिलहाल नामीबिया से आ रहे चीतों […]

जीवन का सौन्दर्य अहिंसा और शांति में ही

ललित गर्गदिल्ली************************************** अन्तर्राष्ट्रीय शांति एवं अहिंसा दिवस-२१ सितम्बर विशेष… ‘विश्व शांति दिवस’ अथवा ‘अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस’ प्रत्येक वर्ष २१ सितम्बर को मनाया जाता है। यह दिवस सभी देशों और लोगों […]

विडम्बना:१५ करोड़ लोगों के लिए ६-७ करोड़ लोगों से कर वसूलती सरकार

शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* संवाद जन-नैतिकता से… नेताओं को भी आयकर देना चाहिए। नेताओं को पद पाने पर एक ही पेंशन देनी चाहिए, बार-बार पद पाने पर बार-बार पेंशन देने […]

हिंदी दिवस:जनता कैसे मनाए ?

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* हर १४ सितंबर को भारत सरकार हिंदी दिवस मनाती है। नेता लोग हिंदी को लेकर अच्छे-खासे भाषण भी झाड़ देते हैं, लेकिन हिंदी का ढर्रा जहाँ था, […]

हमें कृष्ण-चाणक्य नीति अपनानी पड़ेगी

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** भारत विश्वगुरु और आत्मनिर्भर…. भारत जो कभी ‘विश्व गुरु’ कहलाता था…जिसकी सभ्यता और संस्कृति का सारी दुनिया लोहा मानती थी। हमारे वेदों ने वे आविष्कार हजारों वर्ष […]