मेघ करे गड़गड़
ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)******************************************* रचनाशिल्प:अभिनव छंद में बारहमासी, ८/६ की मापनी… गड़गड़-गडगड़, मेघ करे…,झरझर-झरझर नीर झरे। सावन-भादो, तड़पाए,फरफर-फरफर, पवन चले…। क्वाँर कार्तिक, भरमाए,भरभर भरभर, भूमि करे…। अगहनी पूस, शरमाए,कड़कड़ कड़कड़ शीत परे…। माघ फगुनवा मन डोले,सरसर-सरसर, रंग उडे…। आग चैत बैसाख लगे,चटक-चटक कर देह जले…। डरवाए आसाढ़ ज्येष्ठ,टपटप-टपटप, बूंद गिरे…। परिचय-ममता तिवारी का जन्म १ अक्टूबर … Read more