मिलावटखोरों को फांसी क्यों नहीं ?
डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* दिवाली के मौके पर गरीब से गरीब आदमी भी खाने-पीने की चीजें दिल खोलकर खरीदना चाहता है, लेकिन जो चीजें बाजार में उसे मिलती हैं, उनमें से कई नकली तो होती ही हैं, वे उसके लिए प्राणलेवा भी सिद्ध हो जाती है। प्रयागराज के एक निजी अस्पताल में भर्ती मरीज की मौत … Read more