विमला
पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)*********************************** घड़ी पर निगाह डालते ही सुधा नाराजगी से बड़बड़ाने लगीं। आने दो विमला को, आज ही इसका हिसाब करके छुट्टी कर दूँगी। रोज को रोज डांटने से उनका ही मूड खराब हो जाता है, लेकिन इसको कोई फर्क नहीं पड़ता। वह मन ही मन भुनभुना रहीं थीं। तभी डोरबेल की आवाज हुई। उन्होंने … Read more