काश! मैं किसी कंपनी का निदेशक (वित्त) होता!
डॉ.शैलेश शुक्लाबेल्लारी (कर्नाटक)**************************************** काश! मैं बड़े निगम का निर्देशक (वित्त) होता-जो कि सिर्फ एक पद नहीं, बल्कि एक शक्ति-पोषक स्थिति है। मैं बस बैलेंस शीट ही नहीं, बल्कि उसके साथ ही बैलेंस ऑफ पॉवर भी संभालता। जहाँ कर्मचारी पोर्टल मुद्दों पर नतीजे रहते, वहीं मेरी दुनिया में वित्तीय फ्लो से ज्यादा जरूरी होता कैश फ्लो। … Read more