गालियों का बाज़ार
डॉ. मुकेश ‘असीमित’गंगापुर सिटी (राजस्थान)******************************************** शहर के बीचों-बीच एक नया ‘बाज़ार’ खुला है-नाम है ‘गालियों का बाज़ार।’ यहाँ सब कुछ बिकता है-आत्मा का सौंदर्य छोड़कर। कहने को तो यह भाषाई स्वतंत्रता का सशक्त मंच है, लेकिन असल में यह सुनियोजित मौखिक युद्ध क्षेत्र है, जहाँ शब्द तलवार बनते हैं और जुबानें बंदूक की ट्रिगर। यहाँ … Read more