ज़िंदगी बदल देता है काला बोर्ड

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** सतरंगी दुनिया -२६…    अजीब बात है, कि वो इंजीनियर नहीं है, फिर भी तारीफ के पुल बाँध लेता है। हँसना स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद है, पर दूसरों पर हँसना हमारे लिए हानिकारक है। उम्र बढ़ने के साथ हमें यह नहीं सोचना चाहिए कि हम ओल्ड हो गए हैं, … Read more

रिश्तों की कदर कीजिए

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** सतरंगी दुनिया -२५ आज प्रधानमंत्री द्वारा देश की जनता से जो निवेदन किया गया, उसका असर अब दिखने लगा है। आज सुबह-सुबह कामवाली बाई का फोन आया- बर्तन, कपड़े मेरे घर घर भेज दो। मोदी जी ने वर्क फ्राम होम का आर्डर दिया है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, छोटे … Read more

विकास की वातानुकूलित आत्महत्या

डॉ. शैलेश शुक्लालखनऊ (उत्तरप्रदेश)**************************************** मनुष्य बड़ा बुद्धिमान प्राणी है। इतना बुद्धिमान, कि उसने अपने जीवन को आरामदायक बनाने के लिए ऐसी-ऐसी चीज़ें बना डालीं, जिनसे अंततः उसका जीवन ही असुविधाजनक होने लगा। यह वही प्राणी है, जो पहले पेड़ के नीचे बैठकर ठंडी हवा खाता था, फिर उसने पेड़ काटकर वहाँ इमारत बनाई, इमारत गर्म … Read more

अजीब है दुनिया

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** सतरंगी दुनिया-२१… अपनी ज़िंदगी को खुली किताब मत बनाइए, क्योंकि लोगों को पढ़ने में नहीं, बल्कि पन्ने फाड़ने में मजा आता है। खिचड़ी की विशेषता देखिए- अगर बर्तन में पकती है तो बीमार को ठीक कर देती है और दिमाग में पके तो इंसान को बीमार कर देती है।  … Read more

गुण और गुनाह दोनों की ही कीमत

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** संतरंगी दुनिया-२०…         यदि आप अपनी पत्नी को खुश रखना चाहते हैं तो अपने पर्स का मुँह खुला रखें और अपना मुँह बंद रखें। वक़्त बदल गया है, पहले लड़कियाँ सफेद घोड़े पर राजकु‌मार की कल्पना किया करती थी, आजकल बीएमडब्ल्यू में गधा भी आ जाए … Read more

छोटे नोट और छोटे लोगों से रिश्ता मजबूत रखें

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** सतरंगी दुनिया-१९… भगवान ने हथेली के आगे अंगुलियाँ इसलिए बनाई है कि पहले आप कर्म करें, फिर भाग्य को महत्व दें। बिना कर्म के आपका अच्छा भाग्य नहीं बन सकता है। इंसान कितना भी गोरा क्यों न हो, परन्तु उसकी परछाई काली ही होती है। ‘मरने के बाद अर्थी … Read more

रुद्राक्ष हो या इंसान… ‘एकमुखी’ बहुत कम मिलते

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** सतरंगी दुनिया… ‘ईमानदारी’ का महत्व इसी बात से समझ में आता है, कि जो व्यक्ति स्वयं गलत काम करता है, परंतु अपने नौकर से ईमानदारी की अपेक्षा करता है। वफादार सभी कोई चाहते हैं, परन्तु स्वयं कोई बनता नहीं चाहता। “हमारे देश में सरकारी अस्पताल का मतलब है-जान से … Read more

माया मिली ना राम, क्या होगा…

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ राजनीति की गलियों में चुनाव के समय सब अपने-अपने स्तर पर गोटी फिट करने में लगे रहते हैं, क्योंकि जहां आस है, वहीं विश्वास भी है। शोर-शराबे की दहलीज को पार कर अमर्यादित टिप्पणी व भाषाओं के तर्पण में ‘मत’ की तलाश में रहते हैं लोग…, क्योंकि शतरंज की राजनीतिक … Read more

सतरंगी दुनिया

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** प्रेशर कुकर कितना भी पुराना हो जाए, वो कभी भी सीटी मारना नहीं छोड़ता है। इसी प्रकार शेर कितना भी बूढ़ा हो जाए, मांस ही खाएगा;कभी घास नहीं खाएगा। सभी अपनी-अपनी आदत से मजबूर हैं। झूठ बोलना भी एक कला है, आजकल बहुत काम आती है। इसमें इंसान अपने … Read more