पुस्तक सामर्थ्यवान बनाए

सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*********************************************** क्या सबसे अच्छी दोस्त…? (‘विश्व पुस्तक दिवस’ विशेष)… पुस्तक सामर्थ्यवान बनाए,पुस्तक आशावान बनाएआन-बान-सम्मान दिलाए,सच्ची सखी, जीना सिखाएअंत:सह बाह्य स्थिति सुझाए। पुस्तक सामर्थ्यवान बनाए,पुस्तक आदर्शवादी बनाएराह दिखा विवेकी बनाए,श्रेष्ठ, सार्थक जीवन बनाएराग, द्वेष, घृणा, दर्प मिटाए। पुस्तक सामर्थ्यवान बनाए,लगाएं प्रीत, मीत बनाएंरिष,‌ चिंता, निराशा भगाएं,हमदर्दी, हमराही बनाएंलौकिक मोह-माया भुलाएं। पुस्तक सामर्थ्यवान … Read more

प्रभु से मिलन को चाहिए ‘पुस्तक से दोस्ती’

विजयलक्ष्मी विभा प्रयागराज (उत्तरप्रदेश)************************************ क्या सबसे अच्छी दोस्त…? (‘विश्व पुस्तक दिवस’ विशेष)…. भौतिक जगत में वांछ्य है,‘मेहनत’ से दोस्ती,प्रभु से मिलन को चाहिए,‘पुस्तक से दोस्ती। मेहनत ने दिखाया हमें, संसार का वैभव,ऊँची हवेलियों में हो, आराम का अनुभवचाहे जहां उड़ जाते हैं, पंछी की तरह हम,मेहनत ने दिखाया हमें, इंसान में यह दमफिर भी जरूरी जग … Read more

मेरी अच्छी दोस्त पुस्तकें

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* क्या सबसे अच्छी दोस्त…? (‘विश्व पुस्तक दिवस’ विशेष)… पुस्तकों तुम इतिहास हो,पुस्तकों तुम वर्तमान होपुस्तकों तुम भविष्य हो,पुस्तकों तुम अच्छी दोस्त होपुस्तकों तुममें सजे हुए हैं,अनगिनत शब्दों के भंडार। आदिकाल की सत्यता हो,आदिकाल की लय-छंद होआदिकाल की हो कहानियाँ,पुरातन का विज्ञान होबीते कल का सम्मान हो। मानव भावों की स्थितियाँ,जीवन … Read more

किताबें बेहतरीन दोस्त

डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************* क्या सबसे अच्छी दोस्त…? (‘विश्व पुस्तक दिवस’ विशेष)… किताबें बोलती हैं,कितने राज़ खोलती हैं। किताबें सुनती हैं,हमारी कहानियाँ कहती हैं। किताबें ज्ञान का समंदर है,उस भवसागर में गोता लगाने से मोती मिलता है। किताबें मनोरंजन भी है,हर पन्ने का स्वाद लेना आना चाहिए। किताबें शौक भी है, शान भी,व्यक्तित्व का परिचायक … Read more

मछलियाँ सच्ची मित्र

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** नदियाँ कहती हैंकल-कल की कहानियाँरहगुजर की प्यास बुझाती,मछलियों को भला नींद कहाँ आती!मछलियाँ भी नदियों का ख्याल रखती,साफ-सुथरा रखतीमछलियाँ ही तो सच्ची मित्र हैं नदियों की। नाव की पतवार संगहोड़ करती,कोई दाना डालता तो खा लेतीमगर किसी से मांगती नहीं,वो चाहती भी नहींबिना मेहनत के खाना। वो प्रदूषित होने से नदी … Read more

मृत्यु का नर्तन

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** गहराता ही जा रहा हैयह ख़ूनी उन्माद,कब तक चलेगा यहनिर्मम आतंकवाद ? रह-रह कर डसने कोसिर उठाते हैं,कितनों के प्राण येविषधर लिए जाते हैं। चुन-चुन कर हिन्दुओं कोअपना निशाना बनाया है,इन दहशतगर्दों नेकपड़ा तक उतरवाया है। ख़ुशहाली कश्मीर कीइनसे देखी नहीं जाती,पहलगाम की हरियालीइनको पसंद नहीं आती। निर्मम हत्या का बन रहाषड्यंत्री … Read more

गुरु-गुरुकुल परम्परा

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* गुरु गुरुकुल की परम्परा, गरिमा गुणी गुरुत्व।गुणातीत गुरु ब्रह्म सम, अखिलानंद महत्व॥ मर्यादित जन आचरण, परम्परा कुल शान।संस्कार कौशिक समझ, स्वाभिमान सम्मान॥ परम्परा रक्षण प्रथम, राष्ट्र धर्म कर्त्तव्य।सदाचार संस्कृति सुपथ, गमनागम ध्यातव्य॥ मातृशक्ति आदर सतत, परम्परा इस देश।करुणा ममता सृष्टिजा, रीति प्रीति परिवेश॥ मातु पिता गुरु अतिथि का, देवतुल्य … Read more

पुस्तक दूर करे अज्ञान

डॉ.एन.के. सेठी ‘नवल’बांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* ‘क्या अच्छी दोस्त…? (विश्व पुस्तक दिवस विशेष)… पढ़कर पुस्तक को सभी, दूर करें अज्ञान।सबसे अच्छा मित्र भी, पुस्तक को ही जान॥ पढ़कर सत्साहित्य को, बने सभी विद्वान।ज्ञानी बनकर ज्ञान से, पाएं जग में मान॥ ग्रन्थ रत्न अनमोल हैं, मिलता इनसे ज्ञान।पढ़कर इनको हम सभी, बनते हैं विद्वान॥ पढ़ें ग्रन्थ अध्यात्म … Read more

धरती प्राणियों का आश्रय

सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*********************************************** धरती हमको जीवन देती,सब जीवों को आश्रय देतीसकल प्राणियों को है धारे,दे सबको कीमती सहारे। नदियाँ, निर्झर शीतल स-नीरे,नग-मेखला की ‘छटा न्यारेवन-सम्पदा खुशहाल सारे,बहती-सौरभ प्राण समीरे। अनमोल साधनों की धारे,अगणित धातु, तत्व की धारेठोस ईंधन मृत जीव धारे,प्रकृति देती उपहार सारे। पोषण करती सबका भारी,अन्न-तिलहन से महक न्यारीहैं, जड़ बूटियाँ … Read more

समस्या में है समाधान

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) ************************************************************* मत भाग समस्या से,बढ़ आगे कर वरणसमस्या का कर खण्डन,सफलता चूमेगी चमन। जीवन में आना तय है,समस्या और सहूलियतहोंगे कभी पूरा परेशान,पर उसमें छिपा है निदान। मत हो परेशान,बने रहो इंसानजैसे बढ़ रहे हो,उसी में दो ध्यान। लगातार परिश्रम से,डर जाएगा तेरा डरहो जाओ अब निडर,पहुँचोगे मंजिल पर। कभी दिखे … Read more