मेरा तन वतन के नाम

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** ये तन-मन-धन जो है मेरावतन के नाम करते हैं,वतन ये है वतन मेरा-नमन सौ बार करते हैं। धरा ये पुण्य माटी सेतिलक हर बार करते हैं,दशहरा, ईद और होली-यहाँ सब साथ करते हैं। न कोई हिन्दू-मुस्लिम हैन कोई सिख-ईसाई,वतन में रहने वाले सब-वतन से प्यार करते हैं। न थकते हैं, न गिरते … Read more

दुश्मनों को मिटाना होगा

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ टूटना नहीं है, झुकना नहीं है,देश के इन दुश्मनों को मिटाना होगाआतंक के इन नकाबपोशों को,चुन-चुन कर मारना ही होगा। वक़्त अब आ गया,बहुत सह चुके हैं हमअब यह कुछ नहीं होगा,ईंट का जवाब पत्थर ही होगा। पूरा देश हमारे साथ खड़ा है,हमारी एकता से दुश्मन घबराया हैवह अपनी जितनी … Read more

मिटेंगे गिले

सीमा जैन ‘निसर्ग’खड़गपुर (प.बंगाल)********************************* नहीं करते कभी शिकवे,भूलेंगे सारी कसमेंसंभल जाएंगे हौले-से,मिटेंगे बेरुखी के गिले। आरज़ू तुमसे नहीं हमदम,तासीर तेरी यही हरदमपत्थर से टकरा बैठे,एक यही था हमको ग़म। शुद्ध इश्क़ अब रहा नहीं,दुष्ट इश्क़ फैला हर कहींफांसता मछली को देख,जिंदा रहा अब ज़मीर नहीं। स्वच्छ चाँदनी बिछी पड़ी,हवाएं ठंडी-सी चल पड़ी।गैरत जाग उठी मन … Read more

फिर दहल उठा कश्मीर…

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)****************************** अमरनाथ की घाटी में कल जो असहाय मासूमों की चीखें निकलीं,कायरता और बुजदिली की तमाम हदें जैसे घाटी में पिघल निकलीं। जिनकी आँखों में कश्मीर के अमन का चुभ रहा था बहुत काजल,इंसानियत के हत्यारों ने कल अपनी बर्बरता के बरसा दिए बादल। अरे! इतने ही वीर हो तो चोरी छुपे … Read more

हर समय की साथी ‘पुस्तक‘

मानसी श्रीवास्तव ‘शिवन्या’मुम्बई (महाराष्ट्र)****************************************** ‘क्या अच्छी दोस्त…? (विश्व पुस्तक दिवस विशेष)… पुस्तक है जीवन की ज्योत,पुस्तक है बच्चों की दोस्त। पुस्तक की भाँति जगना,उजियारा रौशन करना। ज्ञान का भंडार बनना,अज्ञानता को दूर करना। हास्य कहानियों से होता मनोरंजन,रोचक कहानियाँ है उत्साहवर्धन। पुस्तक निर्माण करती है कलात्मक शैली,सिखाती हैं हमे जीवन जीने की शैली। दोस्त बनाओ … Read more

हे मन तू है अग्रगामी

डॉ. संजीदा खानम ‘शाहीन’जोधपुर (राजस्थान)************************************** कुछ तो विचार करना होगा,रस से जीवन भरना होगाजीवन को सरल करना होगा,तुझको सब कुछ करना होगाहे मन तू है अग्रगामी। जो न था तेरा छूट गया,अपनों से नाता टूट गयाजो खोया है उसको सोच,जो पाना है तू उसको सोचहे मन तू है अग्रगामी। पल-पल करता तू इंतजार,तू कर ले … Read more

संकल्प हो नशामुक्ति

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* दुर्दान्त विकट आपद जीवन, नशा की लत जहरीला हैबन मौत भयावह कालसर्प, तम्बाकू ड्रग गर्वीला है। आक्रान्त नशा जीवन दुर्भर, बेवक्त मरण शर्मीला हैहम बन आदी अल्कोहल रस, गाजा अफ़ीम बस लीला है। नशा चरस तम्बाकू जीवन, नशाबाज़ मात्र मधुशाला हैकैंसर, टी.बी., दिलरोग विविध, घातक दावानल हठीला है। बीड़ी, … Read more

जन्नत में बहता लहू

डॉ. मुकेश ‘असीमित’गंगापुर सिटी (राजस्थान)******************************************** पहलगाम हमला… ख़बर आई है-धरती के स्वर्ग में,शबनम की जगह बारूद बरस रहा हैगुलमोहर की टहनियों पर खून टपक रहा है,पहाड़ियों की गोद में सोएअट्ठाईस सपनेसिर्फ़ इसलिए तोड़ दिए गए,कि उन्होंने ‘काफ़िर’ होना चुना था। आम आदमी-जिसकी पूरी दुनियाबीबी, बच्चे और रोटी की महक से महफूज़ होती है,उसे नहीं पता-‘काफ़िर’ … Read more

हृदय-वेदना

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** झिलमिल-झिलमिल अंतरिक्ष मेंचमक रहे तारक-गण रे,चाँद-चाँदनी चंचल किरणेंजागृत करती तन-मन रे। एक चित्र आँखों में मेरीचुपचाप उतर कर आता रे,जैसे नभ के वक्षस्थल परचाँद कोई शरमाता रे। सब कुछ खोकर भी अपना प्रियसाथी नहीं बचा पाई रे,जाने कैसे चुपके-चुपकेवेदना हृदय में उतर आई रे। उस असीम के तार जुड़े हैंकरता चिंतन अंतर्मन … Read more

कुछ भी हो, जीवित रहो

संजय एम. वासनिकमुम्बई (महाराष्ट्र)************************************* बूढ़ा होना, बीमार होना,और मरना एक ही बात हैजो कुछ भी हो, जीवित रहो,अगर तुम्हें जीना हैतो मृत्यु से पहले मत मरना,खुद को मत खो देनाउम्मीद को मत खो देना,दिशा को मत खो देना। किसी को नीची नज़र से ना देखना,भेदभाव न करनाखुद से, अपने समाज से,एक व्यक्ति या कई व्यक्तियों … Read more