यह शरीर नाशवान

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** शीघ्र खराब होने वाली,चीज नाशवान कहलाती हैफल और सब्जियाँ,इसके अंतर्गत आती है। दुनिया की प्रत्येक,वस्तु नाशवान हैसकून से रहिए,किस चीज का गुमान है ? मानव शरीर भी,नाशवान कहलाता हैक्योंकि जिसने जन्म लिया है,वह मृत्यु को जरूर पाता है। मनुष्य पर माया,का असर आया हैतभी तो उसने नाशवान,संसार को अपना … Read more

राम नाम सुखधाम

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* ‘रामनवमी (६ अप्रैल) विशेष… रामनवमी शुभ दिवस, जनम लिए रामराम मय अयोध्या भई, रामलला सुखधाम। भारत औ विश्व गूंजे, कण-कण में श्री रामसदियों से गूँज रहा, नाम अद्भुत राम। श्याम वर्ण मधुर हँसी, लट घुंघराले राम,नैना स्निग्ध करूणा, देखूं मैं अभिराम। प्रभु हृदय मम मोहे, कमल आसनी राम,श्री राघव करुणानिधि, … Read more

राममय अयोध्या

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)****************************************** ‘रामनवमी (६ अप्रैल) विशेष… ‘राम’,आई ‘रामनवमी’जन्मे हैं राम,राममय अयोध्याहर्षित। ‘राम’,आदर्श जीवनपुत्र-पिता-पति,कण-कणराम। ‘राम’,त्यागी जीवनसदियों से गूँज,सारे रिश्तेअनुपम। ‘राम’,श्याम वर्णकरूणा से भरपूर,पालक हृदयराघव। ‘राम’,मित्रता निभाईहनुमान हृदय राम,आशीष बरसेप्रभु। ‘राम’,सुख धामभक्ति और शक्ति,वचन निभाएरघुवर। ‘राम’,अगम अगोचर,अनंत जन हितकारी,सदा विन्रमदीनदयाल। ‘राम’,सगुण निर्गुणकण-कण में,मर्यादा पुरुषोत्तमराघव। ‘राम’,चरित्र अनुकरणीयसदा सबके रक्षक,उनका मार्गकल्याण। ‘राम’,लोक-नायकरहे प्रजा सेवक।बनें उनसे,कर्तव्यनिष्ठ॥

घट-घट में श्रीराम

संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )******************************** श्री राम नाम ही प्यारा नाम है,सिया राम अति न्यारा नाम हैमर्यादा पुरुषोत्तम सबके राम हैं,राम राज्य के उद्घोषक राम हैं। ‘राम-राम जी’ जन कहते आम हैं,जयकारे खुलकर जय श्री राम हैंशव यात्रा ‘सत्य’ श्री राम नाम हैं,जीवन मंगल परिणाम श्री राम हैं। घट-घट में बसे प्रभु मेरे श्री राम … Read more

माँ कात्यायनी देवी

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* षष्ठी माँ कात्यायनी, माता का दरबार।भक्तों की अभ्यर्थना, करो अम्ब स्वीकार॥ पूजा अर्चन भक्ति मन, आरत दीप कपूर।महाशक्ति कात्यायनी, चारु सीथ सिन्दूर॥ रोग शोक भयहारिणी, शत्रु विनाशिनि अम्ब।त्रिविध आपदा तम हरो, कल्याणी जगदम्ब॥ विकट धूम्रलोचन असुर, भरी अम्ब हुंकार।भष्म हुआ पल में असुर, महिमा मातु अपार॥ कृपासिंधु कात्यायनी, शक्ति … Read more

कायम महावीर की वाणी रहे

सीमा जैन ‘निसर्ग’खड़गपुर (प.बंगाल)********************************* महावीर जन्मोत्सव (१० अप्रैल) विशेष… सबके मन में मंगल छाया,जीव-दया का दिवस है आयापशु-पक्षियों ने उत्सव मनाया,महावीर जन्मोत्सव आया। चिड़िया चहक उठी आँगन में,दौड़े गिलहरी मस्ती मेंरंभा रही गायें बाड़े में,प्रकृति झूमे खुशियों में। एक घाट पर पशु मिलें हैं,ज्ञान हृदय में जगा रहे हैंशेर, हिरन एकसाथ खड़े हैं,प्रेम दिलों में … Read more

दीप धर आलोक का

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** दीप धर आलोक का फिर,सुमन अर्पित,मंद लय हैफिर विकल मेरा हृदय है। क्यों हुए हम विलग तुमसे ?याद कर नम ये नयन हैफिर विकल मेरा हृदय है। टूटता दर्पण दिखा कर,सोचता कोई बहुत हैफिर विकल मेरा हृदय है। गगन के उस पार है क्या ?जानने आकुल ये मन हैफिर विकल मेरा हृदय … Read more

आज के बच्चे

डॉ. संजीदा खानम ‘शाहीन’जोधपुर (राजस्थान)************************************** छुड़ा रहे हैं उंगली मचल- मचल के,ज़िद माँ से कर रहे हैं देखो बहल- बहल के। गिरते हैं, उठते हैं खुद पर ये भरोसा है,चलना वो सीखते हैं खुद ही सम्भल-सम्भल के। बारिश के बुलबुलों को कैसे-कैसे वो पकड़ते हैं,पानी में दौड़ते हैं बच्चे उछल-उछल के। माँ की दुआओं ने … Read more

हाथ बढ़ा प्रभु मंगल कीजे

कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’मुंगेर (बिहार)********************************************** है अति बेकल नैन हमारे।दर्शन को प्रभु राम तुम्हारे॥देकर दर्शन काज सँवारो।नाथ हमें भव से अब तारो॥ थाल सजाकर मैं प्रभु आई।पूजन पूर्ण करो रघुराई॥हाथ बढ़ा प्रभु मंगल दीजै।हे हरि पूर्ण मनोरथ कीजै॥ हूँ कब से प्रभु हाथ पसारे।आप बिना प्रभु कौन हमारे॥हे प्रभु देर नहीं अब कीजै।दर्शन राम मुझे अब … Read more

जगदंबिका महात्म

प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासी’सहारनपुर (उप्र)********************************** श्रद्धा से पूरित वंदना करती हूँ श्री श्री अंबिके,चरणों में दोनों हाथ जोड़े मैं खड़ी जगदंबिके। मिल ब्रह्मा, विष्णु, महेश करते हैं तुम्हारी वंदना,हे! भगवती आराधनी शिव की शिवा भवतारिके। अर्चन के नूतन भाव मीठे भक्ति सुर दे दो मुझे,हे! जगत जननी माँ भवानी मातृशक्ति मधुरिके। प्राणेश्वरी शिव शक्ति … Read more