कविता दिल का अनमोल मीत

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)****************************************** ‘विश्व कविता दिवस’ (२१ मार्च) विशेष… यह शब्दों की माला, है भावों का गीत,हर कविता है दिल का अनमोल मीत। इसमें सपनों की राहें, उम्मीदों के रंग,हर पंक्ति में है छिपा जीवन का संग। यह चाँद की चाँदनी तो सूरज की धूप,सुंदर कविता से भरता है हर मन का रूप। पंछी … Read more

अपने को पहचान

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ तेरा अपना वजूद है,तू कमजोर नहींफिर क्यों हार रहा है ज़िंदगी से,अपने को पहचान। नफ़रत के इस माहौल में,तू राह मत भटकआगे की सोच, क्यों परेशान है!अपने को पहचान। एक-दूसरे का सहारा बन,जीवन में आगे बढ़ज़िन्दगी है, दोबारा नहीं मिलती,अपने को पहचान। परेशानियों में तू हार मत मान,संघर्ष ही जीवन … Read more

कृष्ण भक्ति आवली

सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*********************************************** हे मेरे श्याम सुंदर, जप लूँ तेरा नाम,हाथ जोड़ विनती सुनो, हे प्राणों के प्राण। मुझे प्रेरणा तुम देना, रखना सिर पर हाथ,मेरे मन अभाव भाव, भरना भाव भण्डार। मेहर करो हे कृष्ण जी, मैं लिखती ही जाऊँ,नाम मेरा हो जाए, कर दे तू गर काम। राधा-मीरा मैं नहीं, न … Read more

भूख है लाचारी

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** भूख, ग़रीबी है लाचारी,कितनों की यह है हत्यारीसबसे बड़ा शत्रु समझो तुम,इसके पीछे दुनिया हारी। भूख की अग्नि जब जलती है,कहाँ किसी की वह सुनती हैपाप-पुण्य और यश-अपयश,समझो नहीं अंतर करती है। समझें जो धन ही सब कुछ है,इससे बड़ा न जग में कुछ हैउसको मैं क्या कहूँ बताओ,उससे बड़ा न मूर्ख … Read more

आई होली, लाई खुशियाँ…

प्रो. लक्ष्मी यादवमुम्बई (महाराष्ट्र)**************************************** रंग बरसे… (होली विशेष)… होली आई, होली आई,साथ में खुशियाँ है लाईरंगों का त्यौहार है आया,सभी के घर खुशियाँ है लाया। रंगों के इस त्यौहार में,भूल कर सब गिले-शिकवेदुश्मन को भी,गले लगाते चलो। न जात-पात का हो भेद-भावसभी को रंग लगाते हैं,चलो… ले पिचकारी, गुलाल रंग, चले है घर-घर हम…वृंदावन मथुरा … Read more

धरती का श्रृंगार करो

ताराचन्द वर्मा ‘डाबला’अलवर(राजस्थान)*************************************** प्रकृति है जीवन दायिनी,मत इसका तिरस्कार करोवन-उपवन खेत-खलिहानों से,धरती का श्रृंगार करो। मत तोड़ो पुष्पों को,मत तनों का नुक़सान करोहरे-भरे पेड़ काटकर,पर्वत मत सुनसान करो। रंग-बिरंगी फुलवारी में,ईश्वर का तुम ध्यान करोदूर फेंक दो कुल्हाड़ी को,जन-जन में विश्वास भरो। प्रकृति ही ईश्वर है,जीव-जंतुओं से प्यार करोमत उनको हानि पहुंचाओ,हृदय से सत्कार करो। … Read more

आओ रचें इतिहास दुनिया में

संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )******************************** ‘विश्व कविता दिवस’ (२१ मार्च) विशेष… आओ मनाएँ दुनिया में ‘विश्व कविता दिवस’,प्राचीनकाल से सृजक हमारा देश दिवसश्लोक, दोहा, संस्कृत कालखण्ड को अर्पित दिवस,सारे कवि आज एकजुट, विश्व में मनाने को दिवस। संस्कृत, देवनागरी से दुनिया में कई क्षेत्रीय भाषा में फैला कविता रस,आदि आर्यावर्त के हर मनुष्य और पक्षी, … Read more

आज़ादी का मतवाला

संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )******************************** आज़ादी का युवा जोश क्रांति का मतवाला भगत,बचपन से दृढ़ संकल्पित स्वाधीनता का दीवाना भगतब्रिटिश के छक्के छुड़ाता मस्ती में था सिंह भगत,‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारों में गूँजता मेरा वीर भगत। दिल्ली की एसेंबली में बम धमाके कर भगत ने किया बवाल,अंग्रेजों में अफरा-तफरी, दहशत में ब्रिटिश सेना, उठे सवालमर्दों … Read more

बुलंद किरदार

डॉ. संजीदा खानम ‘शाहीन’जोधपुर (राजस्थान)************************************** दानिश का जिक्र होगा तो मैं भी दबीर हूँ।आदम की ही मैं आल हूँ उसका खमीर हूँ। मैं खुद अनापरस्त भी हूँ बा उसूल भी,इज़्ज़त के मामले में बड़ी ही अमीर हूँ। सौ बंधनों में बंध के भी टूटी नहीं कभी,हक़ ही बयान करती हूँ, गो की सगीर हूँ। दुश्मन … Read more

रवि ने दिखाए ताव

डॉ.एन.के. सेठी ‘नवल’बांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* ग्रीष्म का बढ़ा प्रभाव,रवि ने दिखाए ताव,तपे वसुधा गगन,जल पान कीजिए॥ ताप का प्रकोप जारी,फैल रही महामारी,लोग सभी परेशान,सिर ढक लीजिए॥ खग मृग ढूंढें छाँव,सूने गली गली गाँव,ताल सरोवर सूखे,आश्रय भी दीजिए॥ गरम तवे सी धरा,सूखा खेत हरा भरा,आतप से बचें सभी,ठंडा रस पीजिए॥ परिचय-पेशे से अर्द्ध सरकारी महाविद्यालय में … Read more