काजल

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)*************************************** सुंदरता की चाह में,काजल आँजे नैन।हिरनी जैसी देखती,कुछ नहिँ बोले बैन॥कुछ नहिँ बोले बैन,आँख से सब कुछ कहती।दिल में हरदम प्यार,सजाकर वो ही रहती॥कहे ‘विनायक राज’,देख मन मेरा भरता।नारी रूप निहार,लगे कितनी सुंदरता॥

बढ़ता हिंदुस्तान लिखूँ

एस.के.कपूर ‘श्री हंस’बरेली(उत्तरप्रदेश)********************************* हिन्द देश का गौरव गान लिखूँ,या ये अतुल्य भारत महान लिखूँ।अनुपम उदाहरण है मेरा यह देश-कितनी इसकी आन-शान लिखूँ॥ योग मुद्रा ज्ञान ध्यान लिखूँ,अनगिनत भाषा परिधान लिखूँ।विविधता में एकता मंत्र देश का-सोने की चिड़िया हिंदुस्तान लिखूँ॥ गीता रामायण तुलसी रसखान लिखूँ,विश्व गुरु भारत की पहचान लिखूँ।लिखूँ क्रिकेट विश्वविजेता की कहानी-हॉकी जादूगर ध्यानचंद … Read more

जिंदगी का सलीका

ममता तिवारीजांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** जले लफ्ज़ फिर से गये जाग कैसे,दबे तह कुरेदा दिले दाग कैसे ?बुझा कर मजे से जिये जा रहे थे-धुँआ है भभकता लगे आग कैसे ?? उसे जिंदगी का सलीका न आया,बहुत मिन्नतें की,तरीका न आया।बने जिंदगी पढ़ के कातिब-ए-आला-करे क्या उसे पर वजीफ़ा न आया॥ कलमकार है वो तो दिल की लिखेगा,सदा … Read more

करूँ नित्य आराधना

शिवेन्द्र मिश्र ‘शिव’लखीमपुर खीरी(उप्र)***************************************** सत्य की मैं करूँ,नित्य आराधना,प्रेम का स्तवन,ज्ञान की साधना।भाव का प्रस्फुटन दिल में होता रहे-शारदे आपसे बस यही अर्चना॥ तुम्हारे स्नेह की मंदाकिनी में आचमन करके,हुआ पावन हमारा मन तुम्हारा स्तवन करके।हुए हैं प्रस्फुटित अतःकरण में भाव जो निर्मल-उन्हें ही गूँथता ‘शिव’ शब्द में तुमको नमन करके॥ परिचय- शिवेन्द्र मिश्र का साहित्यिक … Read more

शिक्षक ही पथ प्रदर्शक

एस.के.कपूर ‘श्री हंस’बरेली(उत्तरप्रदेश)********************************* गुरु पूर्णिमा विशेष………. शिक्षक हमें पढ़ाता और शिक्षक ही संवारता है,शिक्षक ही तो उचित ज्ञान हम पर वारता है।हमें देता है वह एक सही दिशा और सम्मति-जीवन नव निर्माण लिये शिक्षक ही सुधारता है॥ माता-पिता और गुरु हमारे जीवन के निर्माता हैं,जान लीजिये-यही तीनों ही हमारे भाग्य विधाता हैं।माँ तो होती है … Read more

तेरे मीठे बोल ही याद आएंगें

एस.के.कपूर ‘श्री हंस’बरेली(उत्तरप्रदेश)********************************* चार दिन की जिन्दगी फिर अंधेरा पाख है,फिर खत्म कहानी और बचेगा धुंआ राख है।अच्छे कर्मों से ही यादों में रहता है आदमी-तेरे अच्छे बोल व्यवहार से ही बनती साख है॥ कब किससे कैसे बोलना,यह मानना बहुत जरूरी है,इस बुद्धि-कौशल कला को,जानना बहुत जरूरी है।शब्द तीर हैं कमान हैं,देते हैं घाव गहरा … Read more

इक दफा देखिए

डाॅ. पूनम अरोराऊधम सिंह नगर(उत्तराखण्ड)************************************* इक दफा पलकें उठा के मुझको देखिए,इक दफा पलकें गिरा के मुझको देखिए।इन आँखों में मेरी कौन है तुम्हारे सिवा-इक दफा नज़रें मिला के मुझको देखिए॥ परिचय–उत्तराखण्ड के जिले ऊधम सिंह नगर में डॉ. पूनम अरोरा स्थाई रुप से बसी हुई हैं। इनका जन्म २२ अगस्त १९६७ को रुद्रपुर (ऊधम … Read more

संस्कार दीजिए

एस.के.कपूर ‘श्री हंस’बरेली(उत्तरप्रदेश)********************************* बच्चों को मंहगे त्यौहार नहीं,उन्हें संस्कार दीजिये,उनको अपने अच्छे गुणों,का उपहार दीजिये।आधुनिक खिलौने तो ठीक है,पर साथ उनके लिए-कैसे करें बड़ों से बात वह,उचित व्यवहार दीजिये॥ बच्चों को अभिमान नहीं,स्वाभिमान सिखाइये,आलस्य नहीं गुण उनको,श्रमदान का बताइये।बच्चों को चमक ही चमक नहीं,चाहिये उनको रोशनी-दिखावा नहीं आदर आशीर्वाद,का गुणगान दिखाइये॥ बच्चों को भी सिखाइये … Read more

स्वदेश प्रेम

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ****************************************** देशप्रेम उर में पले,महके बनकर त्याग,यही चाह,गाता रहूँ,भारत माँ का राग।यही भाव है आज बस,वतन करे उत्कर्ष-जो हैं दुश्मन देश के,कुचले जाएँ नाग॥ कितना प्यारा देश है,मेरा भारतवर्ष,नित ही करता आ रहा,वह व्यापक संघर्ष।यही चाह मेरा वतन,जग का हो सिरमौर-पूरब से पश्चिम खिले,हँसी,खुशी अरु हर्ष॥ गंगा-यमुना गा रहीं,देशप्रेम का गान,हिमगिरि … Read more

चलते रहना ही जिंदगी

एस.के.कपूर ‘श्री हंस’बरेली(उत्तरप्रदेश)********************************* अभी बहुत दूर जाना और जिंदगी अभी बाकी है,जोशो-ओ-जनून बने जाम-ओ-जिंदादिली बने साकी है।हर पल कुछ करते-सोचते रहो काम कोई नया तुम-ठहर गये जिस पल तो बनेगी ज़िंदगी बैसाखी है॥ यह अंत नहीं,दूसरी पारी की शुरुआत है,आप यूँ खाली नहीं लिये,अनुभव की सौगात हैं।जो अनसुलझी रही पहेली,वक्त मिला हल करने का-अपनी रुचियां … Read more