बस एक बार सोचें
कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ हम एक बार सोचें, बस एक बार सोचें,अब मन में नहीं रही ‘रोज़-डे’ की कोई बातअब खत्म हो गई पुरानी गुलाब की बात,अब है मन में चुनौतियाँ, मन में एक क्रोधपीड़ा है वीरों के लिए, ना अपने लिए प्रेम रहा।हम एक बार सोचें, बस एक बार सोचें… हम बस एक बार बार … Read more