बस एक बार सोचें

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ हम एक बार सोचें, बस एक बार सोचें,अब मन में नहीं रही ‘रोज़-डे’ की कोई बातअब खत्म हो गई पुरानी गुलाब की बात,अब है मन में चुनौतियाँ, मन में एक क्रोधपीड़ा है वीरों के लिए, ना अपने लिए प्रेम रहा।हम एक बार सोचें, बस एक बार सोचें… हम बस एक बार बार … Read more

परिवर्तन हो संविधान में

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** गणतंत्र:संविधान से आम आदमी तक…. संविधान पर बहस चल रही,चलो बताओ तुम सब आजकिसने नियम बनाए इसके,कैसे चलता इसका काज ? समय देखते नियम बना था,हित जिसमें लोगों का होजन-मत ने भी मान लिया था,भला लगा जो लोक हित हो। पर यह क्या हो रहा आज है,जिसकी बनती है सरकारअपने हित करते … Read more

तेरे दरबार में लगा दी अर्जी

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** तेरे दरबार में लगा दी अर्जी,सुने ना सुने, बाकी तेरी मर्जी। सीता कहो या राम कहो,राधा कहो या श्याम कहो। सबकी सुनने वाले भोले,चाहे वीर हनुमान कहो। हमने तो सब सुना दिया,दिल की व्यथा को बता दिया। समझे या फिर ना समझे,इसके आगे भोले तेरी मर्जी। सबकी नैया पार लगाने वाले,सबकी बिगड़ी … Read more

होड़ से परे फकीरी में ठहरा मन

डॉ. शैलेश शुक्लाबेल्लारी (कर्नाटक)**************************************** आज मन कुछ रुका, कुछ ठहरा-सा है,खिन्न नहीं-मौन में कुछ गहरा-सा है। अध्यात्म ने वाणी को थोड़ा थाम लिया,ईश्वर की सृष्टि पर चिंतन का काम दिया। प्रभात की रश्मियों संग चेतना जागी,वैराग्य की कोई सूक्ष्म-सी तान लागी। संसार से नहीं, उस होड़ से हो रही विरक्ति,जो हर श्वांस से निरंतर छीन … Read more

यादगार रेल यात्रा

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )*************************************************** धनबाद स्टेशन में पकड़ी मैंने रेलगाड़ी,पास खड़ी थी कोयला लदी मालगाड़ीमेरे ए.सी. डब्बे में पहुँचाया सामान कुली, जो था भारी,अपनी सीट पर बैठ मैंने शुरू की रेल सवारी। ‘वातानुकूलित’ में भी भीड़ मची थी हाहा-कारी,शादी, लगन, विवाह से रेलगाड़ी की यह लाचारीसीटों के आरक्षण पर भी जबरदस्त थी मारामारी,खचाखच … Read more

विजय प्राप्त करें

संजय एम. वासनिकमुम्बई (महाराष्ट्र)************************************* विजय प्राप्त करें,आओ विजय प्राप्त करें। शील का पालन करके,शरीर पर विजय प्राप्त करेंवाणी व्याप्त स्थूल विकारों पर,मौन रखकरविजय प्राप्त करें।आओ विजय प्राप्त करें… मन में उत्पन्न होने वाले,विकारों पर एकाग्रता सेविजय प्राप्त करें,आओ विजय प्राप्त करें। सुख-दु:ख और प्रेम-घृणा पर,ध्यान लगाकर, चिंतन करकेविजय प्राप्त करें,आओ विजय प्राप्त करें। गलत ज्ञान … Read more

समय किसी का नहीं होता

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** ना होता समय किसी का,न राजा का होता, ना ही होता रंक का। कौन है जो इसे बाँध सके मुट्ठी में,था कौन ऐसा इतिहास में ? कल तक जो थे सिंहासन पर,आज रह गए बस स्मृति में, बताया घड़ी की टिक-टिक ने,वैभव क्षणिक धाम रह गए। जो आज गर्व में हँसता है,कल … Read more

पढ़ाई ही सब कुछ

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ मन था विश्वास, मन का है सम्मान,मान मिले या मिले अपमानपढ़ना है और बस पढ़ना है,पढ़ कर ही सब मिल सकता है। संघर्ष है जीवन सेअपमान का घूंट पीना हैजात-पात को खत्म करना है,मिले सबको सम्मान। पूजा का मंदिर हो या हो अस्पताल ,या हो कोई समारोह सब जगहऊँच-नीच का भेद रहे … Read more

बनो फूल से…

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)***************************************** प्यारा गुलाब,बोले बहुत कुछसबको भाता। साथ में काँटा,बचना है जरूरीज़िंदगी में यूँ। अच्छे में बुरे,ये सिखाए ज़िंदगीजैसे गुलाब। सदा लुभाए,मन को भाए फूलरंग निराले। ‘फूलों का राजा’,कहलाता गुलाबलाल-सफेद। लाल गुलाब,मिले जीवनसाथीप्रेम प्रतीक। है ज़िंदगी भी,देखो रंग अनोखेकईं हिसाब। कभी खजाना,कभी हर सू गमकभी गुलाब। पीला गुलाब,निभा लो बस दोस्तीसीधा हिसाब। बनो … Read more

सबका प्यारा गुलाब

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** सुन्दर गुलाब सबका प्यारा होता है,पर साथ में काँटा भी लगा होता है। जिस किसी को होगा गुलाब से प्यार,वह काँटों से भी जरूर करेगा प्यार। कई रंगों का होता है ये प्यारा गुलाब,फूलों का राजा कहलाता है ये गुलाब। हरा, लाल, पीला, काला, सफेद, नारंगी,सभी को भाएं ये फूल आसमानी, बैंगनी। … Read more