आज़ादी का परचम
विजयलक्ष्मी विभा इलाहाबाद(उत्तरप्रदेश)************************************ आजाद भारत की उड़ान… आओ इस बार दिखा दें दम,खुद चन्द्रयान में उड़ कर हम।अब अन्तरिक्ष में फहरायें,अपनी आज़ादी का परचम॥ वर्षों के तप से आँख खुली,लहरों में अजब मिठास घुलीहम जाग उठे मन एक हुये,मानस की कालख आप धुली।आतंक मिटे निशंक हुये,अब नहीं चलेंगे गोला-बम॥आओ इस बार दिखा दें दम… देखो आया … Read more