संंबंधों के बंध
डॉ.आशा आजाद ‘कृति’कोरबा (छत्तीसगढ़)**************************************** संबंधों के बंध न छूटे,आओ कुछ पल संवाद करें।बात न भाये हृदय भाव को, कुछ भूल चले, कुछ याद करें॥ मृदुवाणी भी काम न आये, मन में जब हो आक्रोश भरा,होश गँवाकर संवाद करे जो, सुलझे कैसै जब जोश धरा।साथ अगर चलना हो सबके, सब्र रखें, नहीं अतिवाद करें,संबंधों के बंध … Read more