चंदन करोगे…
डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड)********************************** तुम लक्ष का संधान कर लो,उसका तब भेदन करोगे।उर में भावों को जगा लो,उनको फिर चंदन करोगे॥तुम लक्ष का संधान कर लो… पथ दिखाने वाले जग में,मिलते हैं निज भाग्य से ही।पहले गुरु को खोज तो लो,उनका फिर वंदन करोगे॥तुम लक्ष का संधान कर लो… अरे जो कभी अपने न थे,उनको अपना … Read more