आराध्य ने ही बचाया

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** ईश्वर और मेरी आस्था स्पर्धा विशेष….. जब मैं छोटा ही था,तब मेरी माताश्री ने सबसे पहले प्रभु श्री गणेशजी का पूजन करा ईश्वर के प्रति आस्था के बारे में समझाया ही नहीं,बल्कि ‘जय गणेश जय गणेश…’ वाली पंक्तियां याद करवा दीं। उसके बाद उन्होंने मुझे हनुमान चालीसा याद करवाया। इस प्रकार … Read more

नारी का समाज में स्थान-दशा व दिशा

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) **************************************** नारी का हमारे समाज में सबसे महत्वपूर्ण स्थान है,क्योंकि उसके बिना कोई भी पुरुष पूर्ण नहीं है। पुरुष का जन्म भी नारी से ही संभव है। भारतीय संस्कृति के परिपेक्ष्य में नारियों की स्थिति को समझते हुए समस्त मातृशक्ति का नमन-वंदन करने का हमारा नैतिक दायित्व कहीं और प्रगाढ़ हो … Read more

औलादों पर कितना गुमान!

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** हम जितने विकसित हुए,उतने हृदयहीन भी गए। पति-पत्नी,माँ-बाप बनने के पहले और शादी के बाद यदि संतान नहीं होती तब पारिवारिक सामाजिक उलाहना झेलते हैं। उसके बाद चिकित्सक,यहाँ-वहाँ देवी-देवताओं के चक्कर और फिर पूजा-पाठ करते हैं। उस समय यह महत्वपूर्ण नहीं होता कि लड़की हुई या लड़का। उनके लालन- पालन में वे अपना … Read more

हिंदी का होना,हिंदी का रोना,हिंदी का ढोना

राहुल देवदिल्ली**************************** भारत के केंद्रीय सरकारी विभागों,कार्यालयों, बैंकों,विश्वविद्यालयों में सितंबर एक खास सितम का महीना है। एक संवैधानिक कर्तव्य निभाने की कठिन मजबूरी का महीना है। इस कठिन काल में जय-हिंदी का जाप संवैधानिक मजबूरी का ताप शांत करता है। हिंदी का होना या हिंदी का रोना या हिंदी का ढोना,भीतरी भाव कुछ भी हो,अनुष्ठान … Read more

चिकित्सा मुफ्त तो शिक्षा क्यों नहीं…?

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* पंजाब में कांग्रेस की उथल-पुथल पूरे देश का ध्यान खींच रही है,लेकिन वहीं से एक ऐसा बयान भी आया है,जिस पर नेताओं और नौकरशाहों को तुरंत ध्यान देना चाहिए। वह बयान है-दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का। श्री केजरीवाल आजकल अपनी आप पार्टी का चुनाव अभियान चलाने के लिए पंजाब की यात्रा … Read more

सर्वव्यापी महामारियाँ:गंभीर चिंतन जरूरी

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* हम सब ढीले पड़ रहे हैं,मिलना-जुलना सब-कुछ चल रहा है। हम सब सोच रहे हैं, तीसरा डेल्टा कोविड नहीं आया है,या अभी देर है। तरह-तरह की अटकलें। चिकित्सक और वैज्ञानिक भी अब तीसरी लहर नहीं चाहते हैं,पर भीतर चिंतित भी तो हैं।इतिहास गवाह है कि,संसार में सदियों से कभी-कभी सर्वव्यापी … Read more

शास्त्री जी के हर वाकये में सीख

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** जन्म दिवस (२ अक्टूबर) विशेष….. सभी जानते हैं कि,२ अक्टूबर को सादगी की प्रतिमूर्ति लाल बहादुर शास्त्री जी का जन्मदिन है।यह भी जानते होंगे कि यह गाँधी जी को अपना गुरु मानते थे और उन्हीं से उन्होंने सादगी और देश के प्रति प्रतिबद्धता सीखी। एक बार उन्होंने गाँधीजी के लहजे में … Read more

बैंकिंग प्रणाली कितनी न्याय-संगत ?

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** हाल ही में उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ ने एक आभासी कार्यक्रम में समाज के बौद्धिकों से जो कुछ आह्वान किया,उसका सारांश यही है कि तथ्यपरक आवाज उठाते रहना है। इसके कुछ ही दिन पहले टेलीविजन परिचर्चा के दौरान एक ख्याति प्राप्त कॉर्पोरेट विश्लेषक ने भी बैंकिंग प्रणाली से … Read more

‘इलाज-पत्र’ की नई पहल

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिसे ‘आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन’ कहकर शुरु किया है,उसे हिंदी में ‘इलाज-पत्र’ कहता हूँ। नौकरशाहों द्वारा यह अधकचरी अंग्रेजी में गढ़ा गया नाम यदि सादी भारतीय भाषा में होता तो वह आम आदमी की जुबान पर आसानी से चढ़ जाता लेकिन जो भी हो, यह ‘इलाज पत्र’ भारत … Read more

हिंदी:भाषा-प्रयोगशाला बनाई जाए

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) *************************************** भारत की आत्मा ‘हिंदी’ व हमारी दिनचर्या…. “हिंदी में तो शान है,हिंदी में है आन।हिंदी में क्षमता भरी,हिंदी में है मान॥हिंदी में है नम्रता,किंचित नहीं अभाव।नवल ताज़गी संग ले,बढ़ता सतत प्रभाव॥” हिंदी एक ऐसी भाषा है जो आसानी से हर वर्ग को समझ आती है। हिंदी के विकास के लिए … Read more