मातृ वंदना
आशा आजाद`कृति`कोरबा (छत्तीसगढ़) ******************************************* मातृ वंदना प्रथम करूँ मैं,जन-जन का अभिमान है।जन्म धरा है इस माटी में,जीव जगत की शान है॥ शुभ किसान जो अन्न उपजाते,वंदन उनको कीजिए।अमर शहीदों की गाथा को,मस्तक पर नित लीजिए॥ लहू वतन पर यहाँ दिया है,करते शुभ गुणगान है।इस मिट्टी में यमुना गंगा,नदियाँ सारी जान है॥ मातृभूमि को शीश नवा … Read more