नटखट लीला नटवरलाल
डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* वासुदेव मथुरा जनम, लिये रुक्मिणी प्रीत।नंदगाँव नंदज प्रकट, राधा रमण प्रणीत॥ हुए प्रकट भुवि खलदलन, दामोदर संसार।मातु देवकी कोख से, विष्णु पूर्ण अवतार॥ प्रकटित केशव रोहिणी, द्वितीय चरण नक्षत्र।गोकुल में तृतीय चरण, शेषनाग धर छत्र॥ लीला सोलह मानवी, जगन्नाथ गोविन्द।रच लीला बहु विविधता, कुसुमित मुख अरविन्द॥ व्रजवासी गोपीरमण, यशोमती … Read more