माँ कालरात्रि देवी
डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* कालरात्रि माँ भवानी, महिमा अपरंपार।धूप दीप नैवेद्य से, माता का दरबार॥ कालरात्रि माँ सप्तमी, पावन दिन नवरात्र।महाकाल जगदम्बिके, मुण्डमाल चहुँ गात्र॥ चामुण्डा माँ चण्डिका, दिखती है विकराल।खप्पर धारी कालका, शोभित नेत्र विशाल॥ मातु भवानी तारिणी, धरे रूप घनघोर।कट कट काटे असुर रण, मचे भयानक शोर॥ प्रलयंकारी कालिके, महारूद्र अवतार।रक्तबीज … Read more