जीवन जल की धार
डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’अल्मोड़ा(उत्तराखंड) *************************************** जीवन जल की धार है,बहना निशिदिन काम।ऊँची-नीचीं सतह पर,चले लक्ष्य को थाम॥ सुख-दुख दोनों तौल तल,कर विचार समभाव।एक उठे दूजा गिरे,जीवन का यह भाव॥ कौन आपनो जगत में,कौन परायो जान।दु:ख में भी जो मित्र बन,वही आपनो मान॥ जीवन में जो कष्ट सह,करता नित संघर्ष।कंटक भी मरुभूमि में,पाता है सुख हर्ष॥ हो … Read more