चिकित्सकों को दोष देने के बजाय जागरूकता जरूरी

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) *********************************** आज के दौर में लगभग सभी लोगों को चाहे वह अमीर हो या गरीब, कृषक हो या मजदूर, नेता हो या व्यापारी, नौकर हो या मालिक, अधिकारी हो या कर्मी, संत हो या फकीर, को चिकित्सकों की जरूरत पड़ती है, और यह भी कड़वा सच है कि लगभग सभी लोग चिकित्सकों को … Read more

हर आंधी में टिकी रहेंगी पुस्तकें

ललित गर्गदिल्ली ************************************** सर्वविदित है कि पुस्तक का महत्व सार्वभौमिक, सार्वकालिक एवं सार्वदैशिक है, किसी भी युग या आंधी में उसका महत्व कम नहीं हो सकता, इंटरनेट जैसी अनेक आंधियाँ आएगी, लेकिन पुस्तक संस्कृति हर आंधी में अपनी उपयोगिता एवं प्रासंगिकता को बनाए रख सकेगी, क्योंकि पुस्तकें पढ़ने का कोई एक लाभ नहीं होता। पुस्तकें … Read more

हिंदी:राष्ट्र भाषा की राह में रोड़ा कौन ?

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)****************************************** भारत के हिन्दी भाषी क्षेत्रों के अधिकांश पढ़े-लिखे लोग भी यही मानते हैं कि भारत की राष्ट्रभाषा हिन्दी है। यह जरूर है कि भारतीयों ने हिन्दी को राष्ट्रभाषा मान लिया है परंतु हमें शायद यह ज्ञान नहीं है कि संवैधानिक तौर पर हिन्दी आज भी भारत की राष्ट्रभाषा नहीं है। भले … Read more

हिंदी की ऐतिहासिक संस्थाओं का हश्र

डॉ. हरिसिंह पाल,दिल्ली****************************** आज इस भवन में मनोज वर्मा नर्सरी चल रही है। इसकी दीवारों पर मीरा बाई, सूरदास आदि की काव्य पंक्तियां उत्कीर्ण हैं। इस विशाल भवन के अंदर कबाड़ भरा पड़ा है। पुरानी पुस्तकें, पांडुलिपियां और समाचार पत्र तो कबके कबाड़ियों के हाथों पुनः कागज बनकर नष्ट हो गए होंगे।जबसे इस भवन को … Read more

रोकना होगा स्वयं के लालचीपन को

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** पृथ्वी दिवस विशेष…. बढ़ती आबादी और आवश्यकताओं ने समस्या तो बढ़ाई है, इससे कोई असहमति नहीं है, लेकिन हमारे लालचीपन को तो भगवान और पृथ्वी भी कभी पूरा नहीं कर सकते हैं। अर्थात हमारी धरती माता किसी भी मानव की जरूरत को तो पूरा कर सकती है, पर उसके लालच को कभी … Read more

भारत-पाकःबेहतर मौका

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ************************************************** पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री शाहबाज़ शरीफ ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जो जवाबी खत लिखा है, उसे देखकर लगता है कि दोनों देशों के बीच पिछले ३ साल में जो संवादहीनता पनप गई थी, अब शायद टूट जाए। मोदी ने शाहबाज को बधाई का जो पत्र लिखा था, उसमें यही … Read more

परिस्थितियां

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ***************************** पृथ्वी दिवस विशेष….. पता नहीं, समझ में नहीं आता कि यह अकल्पनीय बात कैसे, कब, दिमाग में आई कि ‘गर धरा ना होती तो…,’ क्या ? कुछ भी नहीं होता। या कुछ होता भी, तो आसमान के नीचे हवा में झूल रहा होता, क्योंकि धरा के नहीं होने से … Read more

सब अपना दायित्व समझें

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** पृथ्वी दिवस विशेष…. हम धरा को माता मानते हैं इसलिए ‘गर धरा न होती तो’ हम होते ही नहीं। आज हम जो कुछ भी हैं वह एक उस माता की कृपा है जिसने अनेक कष्ट सहन कर हमें जन्म दिया और दुसरी यह धरती माता है जो हमें बाकी सब कुछ … Read more

अमेरिका को झुकाया भारत ने

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ************************************************** यूक्रेन के बारे में भारत पर अमेरिका का दबाव बढ़ता ही चला जा रहा था और ऐसा लग रहा था कि हमारे रक्षा और विदेश मंत्रियों की इस वाशिंगटन यात्रा के दौरान कुछ न कुछ अप्रिय प्रसंग उठ खड़े होंगे, लेकिन हमारे दोनों मंत्रियों ने अमेरिकी सरकार को भारत के पक्ष में … Read more

मोदी-बाइडन सार्थक संवाद

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ************************************************** जब से रूस और यूक्रेन का युद्ध चला है, तो इस मामले में भारत सर्वश्रेष्ठ मध्यस्थ हो सकता है, क्योंकि अमेरिका, रूस और यूक्रेन, तीनों से उसके संबंध उत्तम हैं। खुशी है कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन से बात करके उन्हें प्रेरित किया कि वे व्लादिमीर … Read more